Haryana News: ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भिवानी के बहादुर लाल मनोहर सिंह फोगाट का 38 साल के उम्र में निधन हो गया है। लंबे समय से वह बीमार थे और 5 महीने पहले उन्हें मुंबई के टाटा अस्पताल में भर्ती किया गया था। आज बुधवार की सुबह उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
आज होगा अंतिम संस्कार
आज शाम तक उनका पार्थिव शरीर भिवानी में उनके पैतृक गांव पहुंचेगी इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंत्येष्टि दी जाएगी। उनके ससुर रिटायर्ड कप्तान दिलबाग सिंह ने बताया कि 22 अक्टूबर 2012 को उन्होंने सीआईएसफ में कमीशन प्राप्त किया था।
आपको बता दे की मनोहर सिंह फोगाट एनएसजी कमांडो के गोल्ड मेडलिस्ट थे और 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह उरी में बॉर्डर पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर पाकिस्तान के ड्रोन अटैक को नाकाम किया इसके साथ 250 से अधिक लोगों का रिस्क भी किया था।
ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई थी वीरता (Haryana News)
उनके वीरता के लिए उन्हें डायरेक्टर जनरल की उपाधि भी दी गई थी। उनके ससुर ने बताया कि बुधवार को वह अपने बहादुर बेटे को को दिए। आपको बता दे कि उनके पिता भी मेजर के पोस्ट से रिटायर्ड है और उनका साला सरबजीत सिंह छिल्लर सेना में कर्नल के पद पर काम कर रहा है।
मनोहर सिंह फोगाट का असमय निधन होने से उनके परिवार के ऊपर दुख का पहाड़ टूट गया है। परिवार करो रो कर बुरा हाल है। वही उनके पिता का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और हमेशा गर्व रहेगा। मनोहर सिंह फोगाट के ससुर ने कहा कि मनोहर उनके दामाद नहीं बल्कि बेटे थे और आज उन्होंने अपने बेटे को खो दिया।
भले ही मनोहर सिंह आज इस दुनिया में नहीं है लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने जो साहस दिखाई वह युगों युगों तक याद रखा जाएगा। देश में हमेशा गर्व के साथ उनका नाम लिया जाएगा।











