Cyber Police Rewari: साइबर क्राइम थाना रेवाड़ी पुलिस ने धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान युपी के जिला मैहोबा के गांव झीर सहेवा हाल किरायेदार जिला गुरुग्राम के नरसिंहपुर निवासी सुषमा व उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रूडकी के मोहल्ला गणेशपुर निवासी दिवान्शु के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जानिए कब है मामला: बता दें कि गत 22 अप्रेल को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि गत 27 व 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उसकी सिम बंद होने वाली है। उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है। उसके खिलाफ मुबंई में एफआईआर दर्ज है। उसे बताया गया कि उसके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं।Cyber Police Rewari
सीबीआई इंस्पेक्टर बताकर की ठगी: इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया गया है। अगर वह बचना चाहता है, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शुरू में उसने कुछ रकम ट्रांसफर की, तो उसे मनी लार्डिंग के केस में फंसाने की धमकी देने हुए और पैसे ट्रांसफर करा लिए। उसे और उसकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया।
1 करोड़ 89 लाख 28 हजार करवाए ट्रांसफर’ उसे बार-बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए। उसके फोन पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद निगरानी रखी गई, जिससे वह और उसकी पत्नी कमरे में बंधक बने रहे। राजपाल ने पुलिस शिकायत में बताया कि मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड कराने के बाद उसे और उसकी पत्नी को ऑनलांइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट, जज और फर्जी रसीद दिखाए गए। फर्जी जज ने प्रॉपटी की वेरिफिकेशन करते हुए उसे बेचेन और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा।
ठगी का मामला दर्ज: जिस पर पुलिस ने साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके मामले में संलिप्त चार पहचान राजस्थान के जिला करौली के गांव पांचौली निवासी रौनक जाटव, इसी जिले के गांव रिठौली निवासी पंकज सैनी, एमपी के जिला भिंड के गांव मुरावली हाल आबाद कौच तिराहा निवासी मानवेंद्र कौरव व एमपी के जिला दतिया के गांव परासरी निवासी मनविंद्र को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। रौनक जाटव के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि पंकज सैनी ने खाता मुहैया कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। आरोपी मानविंद्र और मनविंद्र ने साइबर ठगी में प्रयोग किए गए एक अन्य खाते को कमिशन बेस पर साइबर ठगों को मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
दो आरोपी पहले काबू: जो इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को मामले में संलिप्त दो और आरोपी युपी के जिला मैहोबा के गांव झीर सहेवा हाल किरायेदार जिला गुरुग्राम के नरसिंहपुर निवासी सुषमा व उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रूडकी के मोहल्ला गणेशपुर निवासी दिवान्शु को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पेश अदालत करके आरोपी सुषमा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है तथा आरोपी दिवान्शु को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
आमजन को अपील: रेवाड़ी पुलिस आम जनता से अपील करती है कि किसी भी अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल, ट्राई, पुलिस या सीबीआई के नाम पर की गई धमकियों से डरें नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।










