सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

हरियाणा: घर खरीदने से पहले जरूर चैक करें ये कामजात, वरना होगा पछताना

Written by: सुनील चौहान

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हरियाणा:  अपना घर खरीदना लगभग हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन इस सपने को पूरा करने की जल्दबाजी कई बार भारी पड़ सकती है। आकर्षक लोकेशन, कम कीमत या शानदार ऑफर…


हरियाणा:  अपना घर खरीदना लगभग हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन इस सपने को पूरा करने की जल्दबाजी कई बार भारी पड़ सकती है। आकर्षक लोकेशन, कम कीमत या शानदार ऑफर देखकर यदि बिना दस्तावेजों की जांच किए प्रॉपर्टी खरीद ली जाए, तो बाद में कानूनी विवाद, आर्थिक नुकसान और मालिकाना हक से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए किसी भी मकान, फ्लैट या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने से पहले उससे जुड़े सभी जरूरी कागजात अच्छी तरह जांच लेना बेहद आवश्यक है।

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सेल डीड की जांच सबसे पहले करें

प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सेल डीड होता है। इसी के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि संपत्ति का वास्तविक मालिक कौन है और उसे बेचने का कानूनी अधिकार प्राप्त है या नहीं। रजिस्ट्री से पहले इसकी हर जानकारी ध्यान से पढ़ना और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से जांच कराना समझदारी होगी।टाइटल डीड यह सुनिश्चित करती है कि संपत्ति पर किसी अन्य व्यक्ति का दावा या कोई कानूनी विवाद तो नहीं है। यदि इस दस्तावेज में किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई दे, तो ऐसी प्रॉपर्टी खरीदने से बचना ही बेहतर माना जाता है।

 

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House Buying Tips
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एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट की अनदेखी न करें

एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC) यह जानकारी देता है कि संबंधित संपत्ति पर कोई बैंक लोन, गिरवी या अन्य वित्तीय देनदारी तो नहीं है। साफ रिकॉर्ड वाली प्रॉपर्टी भविष्य में खरीदार के लिए कम जोखिम वाली मानी जाती है।यदि आप किसी बिल्डर से फ्लैट खरीद रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि संबंधित प्रोजेक्ट RERA में पंजीकृत है। इससे परियोजना की वैधता की पुष्टि होती है और खरीदार को कानूनी सुरक्षा भी मिलती है।

स्वीकृत नक्शा और निर्माण की वैधता जांचें

घर खरीदने से पहले यह भी पता करें कि भवन का नक्शा संबंधित नगर निगम या विकास प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं। बिना मंजूरी के बने निर्माण पर भविष्य में कार्रवाई हो सकती है, जिससे नए मालिक को परेशानी उठानी पड़ सकती है।रजिस्ट्री से पहले यह पुष्टि कर लें कि मकान पर हाउस टैक्स, बिजली बिल, पानी का बिल या किसी अन्य प्रकार का सरकारी बकाया शेष नहीं है। कई मामलों में पुराना बकाया नए मालिक को चुकाना पड़ सकता है।

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ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और NOC भी हैं महत्वपूर्ण

यदि आप तैयार फ्लैट खरीद रहे हैं, तो ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, कंप्लीशन सर्टिफिकेट और संबंधित विभागों की आवश्यक NOC भी अवश्य देख लें। ये दस्तावेज बताते हैं कि निर्माण निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया गया है।प्रॉपर्टी खरीदना जीवन का बड़ा निवेश होता है। इसलिए केवल कीमत या लोकेशन देखकर फैसला लेने के बजाय सभी कानूनी दस्तावेजों की विस्तार से जांच करें। यदि जरूरत महसूस हो तो किसी अनुभवी प्रॉपर्टी वकील से दस्तावेजों का सत्यापन जरूर कराएं। वहीं यदि संपत्ति पर पहले बैंक लोन लिया गया था, तो बैंक से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट या रिलीज लेटर प्राप्त करना भी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी भविष्य में बड़े कानूनी और आर्थिक जोखिम से बचा सकती है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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