
रेवाड़ी। कर्नाटक की नवनियुक्त राज्यपाल एवं पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव 1 नवंबर को अपने गृह जिले रेवाड़ी पहुंचेंगी। इस दौरान वह सुबह 10 बजे अपने ससुराल गांव धामलावास में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए अपने पति डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देंगी। राज्यपाल बनने के बाद हरियाणा की धरती पर उनका यह पहला आगमन होगा।
डॉ. सुधा यादव का यह दौरा शहादत, त्याग और देश के प्रति समर्पण की यादों से जुड़ा है। उनके पति डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव ने कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। पति की शहादत के बाद डॉ. सुधा यादव ने संघर्ष और समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई।

रेवाड़ी आगमन से पहले डॉ. सुधा यादव ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की। इन मुलाकातों के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
1 नवंबर को गांव धामलावास में शहीद पति की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम उनके जीवन के उस भावनात्मक पहलू को सामने लाएगा, जिसमें एक ओर संवैधानिक पद की जिम्मेदारी है तो दूसरी ओर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जीवनसाथी की अमिट स्मृतियां हैं। उनकी जीवन यात्रा और देशसेवा का संकल्प युवाओं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कर्नाटक की गवर्नर बनने वाली दूसरी महिला: बता दे कि गवर्नर थावरचंद गहलोत का कार्यकाल पूरा होने के बाद नियुक्त किया। सुधा यादव कर्नाटक की गवर्नर बनने वाली दूसरी महिला होंगी, इससे पहले वी.एस. रमादेवी 1999 से 2002 तक इस पद पर थीं।
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कारगिल युद्ध विधवा: यादव ने पब्लिक लाइफ में तब कदम रखा जब उनके पति सुखबीर सिंह यादव, जो बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में डिप्टी कमांडेंट थे, 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। वे पाकिस्तानी सेना के आर्टिलरी हमलों के दौरान लड़ते हुए मारे गए और उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
