शहीद होने के बाद भी नौ लोगों की जिंदगी रोशन करेगा हरियाणा का लाल, वीरेंद्र सिंह का आखिरी फैसला बना मिसाल

On: July 24, 2026 12:13 PM
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शहीद होने के बाद भी नौ लोगों की जिंदगी रोशन करेगा हरियाणा का लाल

देश के लिए जान न्योछावर करने वाले हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी नायब सूबेदार वीरेंद्र सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका नाम हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा। वजह सिर्फ उनकी सैन्य सेवा नहीं, बल्कि वह फैसला भी है जिसने कई परिवारों की उम्मीदें लौटा दीं। वीरेंद्र सिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी ने अंगदान की अनुमति देकर ऐसा कदम उठाया, जिससे कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने का रास्ता खुल गया। यह निर्णय आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।

लद्दाख में ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

वीरेंद्र सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे। वह लद्दाख के बेहद कठिन और ऊंचाई वाले इलाके में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया। सेना ने बिना समय गंवाए उन्हें एयरलिफ्ट कर चंडीमंदिर स्थित कमांड अस्पताल पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लगातार इलाज किया। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

शहीद होने के बाद भी नौ लोगों की जिंदगी रोशन करेगा हरियाणा का लाल
शहीद होने के बाद भी नौ लोगों की जिंदगी रोशन करेगा हरियाणा का लाल

पत्नी ने दर्द के बीच लिया ऐसा फैसला, जिसे हर कोई कर रहा सलाम

पति को खोने का दुख किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ा होता है, लेकिन इसी कठिन घड़ी में वीरेंद्र सिंह की पत्नी ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि अगर उनके पति के अंग किसी और की जिंदगी बचा सकते हैं तो उन्हें दान कर दिया जाए। इस फैसले ने दुख के माहौल को मानवता की मिसाल में बदल दिया। आज हर कोई उनके इस निर्णय की सराहना कर रहा है।

एक फैसले से कई परिवारों में लौटी उम्मीद

अस्पताल की मेडिकल टीम ने समय रहते वीरेंद्र सिंह के अंगों को सुरक्षित निकाला। उनकी किडनी, लिवर, फेफड़े, कॉर्निया और अन्य उपयोगी ऊतकों को अलग-अलग जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया गया। इन अंगों के जरिए कई लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी। डॉक्टरों का कहना है कि एक व्यक्ति का अंगदान कई परिवारों की खुशियां वापस ला सकता है और वीरेंद्र सिंह इसका जीवंत उदाहरण बन गए हैं।

महेंद्रगढ़ आज अपने वीर बेटे पर गर्व कर रहा है

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले वीरेंद्र सिंह ने जीवनभर देश की सेवा की और अंतिम समय में भी समाज के लिए ऐसी विरासत छोड़ गए, जिसे भुलाना आसान नहीं होगा। गांव में उनके निधन की खबर से शोक का माहौल है, लेकिन लोगों को इस बात का भी गर्व है कि उनका बेटा जाते-जाते भी कई जिंदगियों में रोशनी छोड़ गया।

अंगदान को लेकर समाज के लिए बड़ा संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में आज भी हजारों मरीज अंग प्रत्यारोपण का इंतजार करते हैं। ऐसे में अगर अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएं तो अनेक जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। वीरेंद्र सिंह और उनके परिवार का फैसला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देता है कि इंसान अपने जाने के बाद भी किसी के जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकता है। यही वजह है कि आज हरियाणा का यह वीर सपूत शहादत के साथ-साथ अपनी मानवता के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

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