सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

केवल कागजो में बढ रही हरियाणा के रेवाड़ी डिपो में बसें, इन रूटों पर निजी वाहनों की चांदी

Written by: हर्ष चौहान

Published:

रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी रोडवेज डिपों में फिलहाल 117 रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन बेड़े में सिर्फ 158 बसें होने से हर रूट पर पर्याप्त फेरे नहीं…


रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी रोडवेज डिपों में फिलहाल 117 रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन बेड़े में सिर्फ 158 बसें होने से हर रूट पर पर्याप्त फेरे नहीं लग पा रहे। सुबह-शाम पीक आवर्स में बसों में खचाखच भीड़ रहती है। छात्र, कर्मचारी व ग्रामीण यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। डिपो में बसें न होने से किलोमीटर लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा और विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है

Advertisement

कागजों में सिमटा अभियान

स्थानीय रोडवेज डिपो में बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। परिवहन विभाग ने करीब पांच साल पहले रेवाड़ी डिपो का बेड़ा 150 से बढ़ाकर 177 बसों का कर दिया था।

 

Advertisement

ये भी पढ़ें:हरियाणा में अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ एकजुट हुआ आर्य समाज

लेकिन हकीकत यह है कि पिछले तीन साल से डिपो में बसों की संख्या 150 को पार ही नहीं कर पाई है। नतीजा, आबादी के हिसाब से बसें न बढ़ने से यात्रियों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।

कर्मचारी युनियन भी कई बार उठा चुकी है बसों की मांग

रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने कई बार मुख्यालय को ज्ञापन देकर 177 बसों का बेड़ा पूरा करने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। इसको लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। बसें न होने से किलोमीटर लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा और विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं यात्रियों को अलग से परेशानी उठानी पड़ रही है।

ये भी पढ़ें:झारखंड से जुडे है हरियाणा के तस्करों के तार, 30 लाख की अफीम जब्त, चार तस्कर ​काबू

निजी वाहन कूट रहें चांदी

कई बार बस न मिलने से लोगों को निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। कब तक डिपो को पूरी बसें मिलेंगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है। फिलहाल यात्री कागजी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच पिस रहे हैं।

स्थानीय डिपो से फिलहाल 120 रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन बेड़े में सिर्फ 150 बसें होने से हर रूट पर पर्याप्त फेरे नहीं लग पा रहे। सुबह-शाम पीक आवर्स में बसों में खचाखच भीड़ रहती है। छात्र, कर्मचारी व ग्रामीण यात्री घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

बसो के अभाव में कई रूटा से बस सेवाएं बंद

बसों व चालक-परिचालकों की कमी के कारण आए दिन रूटों पर फेरे मिस हो जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कई रूट लंबे समय से बंद पड़े हैं। धारूहेड़ा, बावल, कोसली, नाहड़ व खोल क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बस सेवा अनियमित है।

ये भी पढ़ें:हरियाणा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: सज्जन सिंह बने रेवाड़ी के नए DSP

यात्रियों की लगातार डिमांड के बावजूद नए रूट शुरू नहीं हो पा रहे। विभागीय अधिकारी बसों की कमी का हवाला देकर फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे।

पांच साल से रेवाड़ी में एक भी आई नई बस

परिवहन विभाग ने 2021 में रेवाड़ी डिपो की स्वीकृत संख्या 177 कर दी थी। उम्मीद थी कि नए रूटों पर बसें चलेंगी और फेरे बढ़ेंगे। लेकिन कागजी कार्रवाई के बाद धरातल पर एक भी अतिरिक्त बस नहीं आई। पुरानी बसें कंडम होने से बेड़ा 150 के आसपास ही अटका है।

वर्कशाप में खड़ी खराब बसें भी संख्या पूरी नहीं होने दे रहीं। पिछले पांच साल में रेवाड़ी की आबादी व औद्योगिक क्षेत्र तेजी से बढ़ा है। बावल औद्योगिक क्षेत्र, धारूहेड़ा व मानेसर तक रोजाना हजारों श्रमिक व कर्मचारी सफर करते हैं। लेकिन बसों की संख्या जस की तस रहने से भीड़ व धक्का-मुक्की आम बात हो गई है। छात्राओं व महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।

 

हर्ष चौहान
About the Author हर्ष चौहान

हर्ष चौहान Best24News के लिए रेवाड़ी जिले की खबरें कवर करते हैं। वे जिले के शहर और गाँवों से जुड़े स्थानीय मुद्दे, प्रशासन के फैसले, विकास कार्य, शिक्षा और आम लोगों से जुड़ी खबरें पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि रेवाड़ी की हर ज़रूरी खबर तथ्यों की जाँच के साथ सबसे पहले आप तक पहुँचे। View all posts by हर्ष चौहान →

Related News

WhatsApp