Agriculture News: आज के समय में किसानों की सबसे बड़ी चुनौती है मिट्टी की उर्वरता का कम हो जाना। जैसे-जैसे रासायनिक चीजों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे ही मृत्यु की ओर बढ़ता घटती जा रही है। हरी खाद आपके खेत के उर्वरता को काफी बढ़ा देंगा।
क्या है हरी खाद और क्यों है फायदेमंद?
हरी खाद ऐसी फसल होती है जिसे अनाज या अन्य उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उगाया जाता है। जब यह फसल काफी बढ़ जाएगी तब इस खेत में ही नष्ट कर देना चाहिए इससे मिट्टी की गुणवत्ता काफी बढ़ जाती है।
नाइट्रोजन की प्राकृतिक पूर्ति
ढैंचा और सनई जैसी फसलें वातावरण में मौजूद नाइट्रोजन को अपनी जड़ों के माध्यम से मिट्टी में संचित करने की क्षमता रखती हैं। इन फसलों में नाइट्रोजन काफी ज्यादा होता है यही वजह है कि इन फसलों के इस्तेमाल से खेतों की उर्वरता काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
50 दिन में तैयार, खर्च भी कम
हरी खाद के रूप में उपयोग की जाने वाली कई फसलें लगभग 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती हैं। इन फसलों में जो नाइट्रोजन है वह फसलों के लिए काफी फायदेमंद होता है और इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी काफी बढ़ती जाती है।
मिट्टी की सेहत में होता है सुधार
विशेषज्ञों के अनुसार हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना मजबूत होती है। जमीन में जैविक पदार्थ बढ़ने से पानी को रोककर रखने की क्षमता बेहतर होती है। यह मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की बढ़ोतरी कर देता है।
अगर आप कोई खरीफ फसल लगाने वाले हैं तो आप सबसे पहले हरी खाद का इस्तेमाल करें यानी की उर्वरता बढ़ाने वाली फसलों को अपने खेतों में लगाकर उसे खेतों में ही नष्ट कर दीजिए। ऐसा करने से आपके फसलों की उर्वरता बढ़ जाएगी।













