भिवाड़ी: उद्योग नगरी को भिवाड़ी को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बता दे कि करीब 50 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है. अंतिम स्वीकृति मिलते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और सौंदर्यीकरण को नई गति मिलेगी। राजस्थान सरकार का दावा है गुरूग्राम की तर्ज पर भिवाड़ी को स्मार्ट सीटी बनाया जाएगा।
बता दें कि भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 5 हजार से अधिक कंपनियां संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। भिवाडी को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी बनाने के लिए जयपुर में डीपीआर तैयार करने का काम किया जा रहा है। बता दें कि भिवाड़ी को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी के रूप में विकसित कराने की ड्राइंग, लागत, डिजाइन और निर्माण अवधि सहित सभी तकनीकी पहलुओं का परीक्षण पूरा हो चुका है।
भिवाड़ी नगर परिषद में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। जिसके माध्यम से शहर के चयनित क्षेत्रों में वाई-फाई सुविधा, यातायात प्रबंधन और वायु प्रदूषण की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। भिवाड़ी में बारिश के समय जल भराव की समस्या से निपटने के लिए वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। राजस्थान का दावा है गुरूग्राम की तर्ज पर भिवाड़ी को स्मार्ट सीटी बनाई जाएंगी।
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली-एनसीआर का प्रमुख औद्योगिक केंद्र होने के बावजूद विकास कार्यों के मामले में अन्य बड़े औद्योगिक शहरों से पीछे माना जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रस्तावित विकास योजनाएं समय पर पूरी होकर भिवाड़ी को गुरुग्राम की काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में विकसित किया जाता है, तो यहां निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसरों में तेजी से वृद्धि होगी। बता दे राजस्थान सरकर ने पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर 16 शहरों को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी के रूप में विकसित करने के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन शहरों का विकास तीन वर्षों में किया जाना है, जिसमें भिवाड़ी भी शामिल है।
डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। भिवाड़ी में जैसे ही यह कार्य शुरू होगा तो औद्योगिक क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। भिवाड़ी में औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना के तहत स्मार्ट रोड विकसित करने का कार्य किया जायेगा ताकि लोगों को सफर करने में अच्छी सड़क मिले, इसके अलावा कम्पनियों में काम करने वाले श्रमिकों सहित आम लोगों को पैदल पथ विकसित किया जाएगा।














