रेवाड़ी: दिल्ली-एनसीआर और दक्षिण हरियाणा से लेकर राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नमो भारत परियोजना एक नई तस्वीर पेश करती दिखाई दे रही है। अब इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को केवल बावल तक सीमित रखने के बजाय पहले चरण में ही बहरोड़ तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यदि प्रस्तावित योजना को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह विस्तार न केवल लाखों यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि हरियाणा और राजस्थान के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देगा। तेज परिवहन, कम यात्रा समय और आधुनिक कनेक्टिविटी के कारण यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की विकास यात्रा का मजबूत आधार बन सकती है।
क्या पहले चरण में ही बहरोड़ तक पहुंचेगी नमो भारत?
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सराय कालेखां से प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर को बावल से आगे राजस्थान के बहरोड़ तक ले जाने के लिए केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के समक्ष बजट स्वीकृति का आग्रह किया गया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड स्तर पर भी इस विस्तार को सकारात्मक सहमति मिल चुकी है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आवश्यक वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद परियोजना का विस्तारित स्वरूप तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे लंबे समय से चली आ रही उस मांग को भी बल मिलेगा जिसमें उद्योग, व्यापार और स्थानीय संगठनों ने कॉरिडोर को बहरोड़ तक ले जाने की आवश्यकता बताई थी।
बावल से बहरोड़ तक क्या होगा खास?
प्रस्तावित विस्तार के तहत बावल से बहरोड़ तक करीब 36 किलोमीटर लंबा नया सेक्शन तैयार किया जाएगा। इस मार्ग पर चार आधुनिक स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है, जिससे स्थानीय शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पहले की तुलना में काफी बेहतर होगी। नमो भारत ट्रेनों की हाई-स्पीड सेवा के कारण यह पूरा सफर लगभग 24 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, किन स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे, इसकी आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है।
कितनी बढ़ेगी परियोजना की लागत?
बावल से बहरोड़ तक कॉरिडोर बढ़ाने के लिए लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश प्रस्तावित है। इस नए हिस्से का लगभग 11 किलोमीटर भाग हरियाणा और करीब 25 किलोमीटर भाग राजस्थान में विकसित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती लागत अधिक होने के बावजूद भविष्य में इससे मिलने वाले आर्थिक लाभ, औद्योगिक विस्तार, रोजगार के अवसर और तेज परिवहन व्यवस्था इस निवेश को लंबे समय में बेहद लाभकारी साबित कर सकते हैं।
आखिर बहरोड़ तक विस्तार की जरूरत क्यों पड़ी?
नमो भारत परियोजना की शुरुआती रूपरेखा में कॉरिडोर को राजस्थान के नीमराणा और बहरोड़ तक ले जाने की योजना थी। बाद में विभिन्न चरणों में इसका दायरा पहले धारूहेड़ा और फिर बावल तक सीमित कर दिया गया। इसके बाद उद्योग संगठनों, स्थानीय व्यापारिक संस्थाओं और राजस्थान क्षेत्र के लोगों ने लगातार मांग उठाई कि परियोजना को अपने मूल स्वरूप के अनुसार बहरोड़ तक पहुंचाया जाए। इसी मांग और क्षेत्र की बढ़ती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अब दोबारा विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ आईएमटी बावल, शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़ औद्योगिक क्षेत्र, खुशखेड़ा निवेश क्षेत्र तथा आसपास के हजारों उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा। वर्तमान समय में बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना दिल्ली, गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, बावल और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच लंबी दूरी तय करते हैं। नमो भारत सेवा शुरू होने के बाद उनका यात्रा समय कम होगा, परिवहन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा तथा उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
क्या भविष्य के विकास को मिलेगी नई रफ्तार?
सरकार नांगल चौधरी में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब, आईएमटी बावल के प्रस्तावित विस्तार और राजस्थान के औद्योगिक निवेश क्षेत्रों की बढ़ती गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इस कॉरिडोर को रणनीतिक परियोजना मान रही है। बेहतर रेल संपर्क मिलने से नए उद्योग स्थापित होने, निवेश आकर्षित होने, रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावनाएं भी काफी मजबूत मानी जा रही हैं।नमो भारत आरआरटीएस ट्रेनों की अधिकतम गति लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, आरामदायक और समयबद्ध हो जाएगी। यदि परियोजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में यह कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर, दक्षिण हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक बेल्ट के बीच सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क बन सकता है। इससे रोजाना लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी और पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।














