रेवाड़ी: नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के बाद अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों ने भी सोमवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठक गए है । जहां पहले ही बावल व धरूहेड़ा में सफाई व्यवस्था बिल्कुल बाधित हो गई क्योकि सफाई कर्मचरी पहले ही हडताल पर लगातर 11 दिन से। यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग सकते हैं।
कर्मचारियों ने लगाया ये आरोप?
कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से छुट्टियां भी नहीं मिलती हैं। लगातार काम करने के बाद भी अवकाश की सुविधा नहीं मिलने से कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार परिवार और व्यक्तिगत जरूरी काम होने के बावजूद छुट्टी नहीं मिल पाती।
कर्मचारियों का आरोप है कि कभी कुछ राशि मिलती है तो कुछ राशि रोक ली जाती है। इससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है। कुछ दिनों पहले भी मांग पूरी करने को लेकर हड़ताल की थी।
आंदोलन की दी चेतावनी
राकेश ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के कार्य में करीब 105 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी फिलहाल धरने पर बैठकर अपना विरोध जता रहे हैं। जो कर्मचारी रोजाना काम करके लौटते हैं, वे भी काम खत्म करने के बाद धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी पूरी तरह काम छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
सुविधाओ को तरस रहे कर्मी
बता दे कि रेवाड़ी शहर से प्रतिदिन करीब 100 टन कूड़ा निकलता है, जिसे डोर-टू-डोर कर्मचारी घरों और अन्य स्थानों से एकत्रित करते हैं। डोर-टू-डोर कर्मचारी यूनियन रेवाड़ी के प्रधान राकेश ने बताया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। कई बार वेतन मिलने पर भी पूरी राशि नहीं दी जाती। इससे पहले भी उन्होने हडताल की थी उस समय आशवासन दिया था लेकिन ठेकेदार मनमानी कर रहा हैं














