हरियाणा के जिला रेवाड़ी में दो लोगों की मौत के बाद एक बार फिर एजेंंसी ने पशु पकडने का अभियान तेज कर दिया है। लेकिन पशुपालको की गुंडागर्दी के समाने पशु पकडने वाले वेवस बने हुए है। एक बार फिर झगडा करते हुए चार पशुओं को छुडवाए ले गए है। आलम यहां तक एजेसी के कर्मचारियो को सीधे धमकी दी है कि जो तेरे से हो वो कर लेना। सवाल यह है डीएमसी इसकों लेकर कार्रवाई क्यों नही कर रहे है।
बता दे रेवाड़ी पहले चरण में भी कर्मचारियों से गाय छुड़वाने के कई मामले सामने आए थे। जिनमें से दो की शिकायत पुलिस से भी की गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरे चरण के पहले दिन एक बार फिर पशुपालक पहले की तरह पशु छुड़वाने के लिए एक बार फिर उग्र नजर आए। एक दो सरेआम चार पशु छडवा ले गए ओर जिम्मेदारो ने चुप्पी साधे हुए है।
पशुपालकों की गुंडगर्दी के सामने प्रशासन मौन
सवाल यह है ऐसी प्रशासन की क्या मजबूरी है तो गुंडागर्दी करने वालो पर कार्रवाई क्यो नहीं। रेवाड़ी में 5 दिन में दो मौतों के बाद प्रशासन की सख्ती का पशुपालकों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। रविवार को पशुपालकों ने सेक्टर-3, सेक्टर-4 और राजेश पायलट चौक पर चलाया गया। एक बार फिर बाइकों से पीछा कर पशुपालको ने निगरानी की। इसके बाद कर्मचारियों से झगड़ा कर गाय के गले में बांधे गए रस्से को काटकर पशुओं को छुड़वा दिया।
कर्मचारियों ने जब रस्सा काटने का विरोध किया तो पशु पालकों ने धमकी देते हुए कहा कि जाओ करवा दियो, हमारे खिलाफ FIR । कर्मचारियों ने अलग- अलग स्थानों से 12 पशु पकड़े, जिनमें से 4 को पशु पालक छुड़वा ले गए। इस दौरान पशु पालक कर्मचारियों के साथ झगड़ा करते नजर आए।














