रेवाड़ी। हरियाणा की प्रतिभाएं लगातार देश और दुनिया में अपनी पहचान बना रही हैं। रेवाड़ी की पुलिस लाइन में रहने वाली 48 वर्षीय डॉ. आशा ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस और अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराया। दोनों पर्वतों पर उन्होंने महिला सशक्तीकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी दिया।
अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा फहराया: डॉ. आशा ने 21 अगस्त 2026 को सुबह 9:07 बजे 5,642 मीटर ऊंची माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचकर इसे फतह किया। इसके बाद उन्होंने तंजानिया स्थित माउंट किलिमंजारो का अभियान पूरा किया। 29 अगस्त को सुबह 5:31 बजे वह 5,895 मीटर ऊंची उहुरू पीक पर पहुंचीं और अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा फहराया। दोनों अभियानों के बीच आठ कैलेंडर दिनों का अंतर रहा, जिसमें यात्रा और ट्रांजिट का समय भी शामिल था।
जानिए क्या डा आशा का अगला मिशन: डॉ. आशा के पति अजय सिंह हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। उनके दो बच्चे हैं। बेटी डॉक्टर और बेटा इंजीनियर है। डॉ. आशा राजस्थान के कोटकासिम में पिछले 27 वर्षों से नर्सिंग ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। अब उनका लक्ष्य ‘सेवन समिट्स मिशन 2026-27’ के तहत सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह करना है। इससे पहले वर्ष 2017 में 39 वर्ष की उम्र में उन्होंने चीन/तिब्बत की ओर से माउंट एवरेस्ट का आरोहण किया था। वह खुद को भारत और विश्व की पहली नर्सिंग ऑफिसर के रूप में एवरेस्ट फतह करने वाली बताती हैं।
पहले भी जीत चुकी है कई अवार्ड: पर्वतारोहण के साथ डॉ. आशा एयर पिस्टल शूटिंग में भी सक्रिय हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने मास्टर्स महिला वर्ग में चार स्वर्ण और तीन कांस्य पदक जीते। उनकी उपलब्धियां महिलाओं और युवाओं के लिए यह संदेश देती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और लगातार प्रयास से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।













