नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 व 13 सितंबर तक चलने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने यातायात व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी प्रतिनिधियों के दिल्ली-एनसीआर में आवागमन को देखते हुए गुरुग्राम के हाईवे और शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव बढ़ने की आशंका है।
इसे देखते हुए अगले तीन से चार दिनों तक गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस विशेष सतर्कता बरतेगी। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ब्रिक्स सम्मेलन में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों के गुरुग्राम स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनियों और प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करने की संभावना को देखते हुए भी पुलिस विशेष सतर्कता बरतेगी। प्रतिनिधियों के कार्यक्रम के अनुसार संबंधित मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा सकता है।
सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर यातायात को सुचारू रखने की योजना तैयार की गई है। सम्मेलन से जुड़े प्रतिनिधियों के दिल्ली से जयपुर जाने की संभावना को देखते हुए दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर मार्ग पर भी यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी।
भारी वाहनों और रोजाना के कार्यालयी यातायात का दबाव
इस मार्ग पर पहले से ही भारी वाहनों और रोजाना के कार्यालयी यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में विदेशी प्रतिनिधियों के काफिलों की आवाजाही के दौरान सामान्य यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स के साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेताओं का स्वागत करेंगे। इसके बाद ‘मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास-समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य का निर्माण’ विषय पर सत्र होगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
भारत इस शनिवार से नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। दो दिन के इस शिखर सम्मेलन में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात सहित 11 प्रमुख उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी। बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देशों के रूप में भाग लेंगे। ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 49 प्रतिशत आबादी और लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व करते हैं।
शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालेद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान शामिल होंगे। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली भी सम्मेलन में भाग लेंगे। ब्राजील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरो विएइरा करेंगे। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
सम्मेलन के दौरान दिल्ली में वीवीआइपी आवाजाही के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया जा सकता है। इसका सीधा असर गुरुग्राम-दिल्ली सीमा से लेकर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और दिल्ली एयरपोर्ट की ओर जाने वाले मार्गों पर पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए महरौली-गुरुग्राम रोड, शंकर चौक, इफ्को चौक, राजीव चौक समेत प्रमुख जंक्शनों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी।
पहला दिन: 12 सितंबर को क्या होगा?
पहले दिन ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के आगमन के साथ कार्यक्रम शुरू होगा। दिन का मुख्य फोकस सदस्य देशों के बीच बंद कमरे में होने वाले सत्र और उसके बाद होने वाले औपचारिक कार्यक्रमों पर रहेगा।
- दोपहर 2:35 बजे: ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का बंद कमरे में सत्र। विषय होगा ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना।’
- शाम 4:25 बजे: नेता ‘भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन’ का दौरा करेंगे।
- इसके बाद सामूहिक तस्वीर और संयुक्त पौधारोपण समारोह होगा।
- शाम 7:30 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में रात्रिभोज आयोजित होगा।
दूसरा दिन: 13 सितंबर को साझेदार देशों की भी भागीदारी
शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का दायरा और व्यापक होगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे। इसके बाद समावेशी वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर खुला सत्र आयोजित किया जाएगा।












