IGU Foundation Day (Best24News) इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर में 14वां स्थापना दिवस समारोह परिसर स्थित कल्पना चावला सभागार में अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमय वातावरण में आयोजित किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर प्रातः विश्वविद्यालय के सरदार पटेल भवन में विधि-विधान के साथ यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने आहुति डालकर विश्वविद्यालय की सुख, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।IGU Foundation Day

तत्पश्चात मुख्य समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने मुख्य अतिथि डॉ. राज नेहरू, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर संजय कौशिक तथा पूर्व कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह का पुष्पगुच्छ, शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने मंच पर उपस्थित सभी मंचासीन अतिथियों एवं आगंतुकों का स्वागत किया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) एवं श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ. राज नेहरू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान का उद्देश्य (Clarity of Purpose) पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए। छोटी-छोटी बातों या मुद्दों में उलझने के बजाय मूल उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। उन्होंने बल दिया कि नियंत्रण करने के बजाय दूसरों को प्रभावित (Influence) करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बजट की अपनी सीमाएं होती हैं और उसी में विकास कार्य करने होते हैं, इसलिए विश्वविद्यालयों को भी अपने स्तर पर राजस्व (Revenue) के नए स्रोत तलाशने चाहिए।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एमडी विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक के पूर्व कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह ने कहा कि किसी भी संस्थान का स्थापना दिवस मुख्य रूप से तीन बातों के लिए मनाया जाता है—पहला, अब तक की यात्रा का पारदर्शी मूल्यांकन करना; दूसरा, उपलब्धियों पर उत्सव मनाना; और तीसरा, भविष्य के लिए नए संकल्प लेकर आगे बढ़ना। उन्होंने अध्यापकों का मुख्य कार्य पढ़ना-पढ़ाना तथा प्रशासनिक वर्ग का कार्य सुविधाओं को सुगम बनाना बताया।
विशिष्ट अतिथि गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कौशिक ने विश्वविद्यालय को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूर्व-तैयारी बेहद जरूरी है। हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि पूरी तैयारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालय को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएं।
उत्कृष्ट उपलब्धियों एवं प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान
स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया:
युवा महोत्सव एवं खेलकूद: यूथ फेस्टिवल में शानदार प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिभागियों तथा खेलकूद स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
3-दिवसीय स्थापना दिवस प्रतियोगिताएं: स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पिछले तीन दिनों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों व प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

अनुसंधान एवं प्रोजेक्ट प्राप्त शिक्षक: विश्वविद्यालय के उन शिक्षकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिन्हें विभिन्न राष्ट्रीय एजेंसियों से शोध एवं अनुसंधान प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं।
विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय की प्रमुख शैक्षणिक, अनुसंधान व ढांचागत उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत किया:
शैक्षणिक विस्तार व NEP-2020: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूर्ण रूप से लागू करते हुए 3 नए शिक्षण विभाग (डिफेंस स्टडीज, पत्रकारिता एवं जनसंचार, संस्कृत) स्थापित किए गए हैं। यूजी पाठ्यक्रमों की संख्या 4 से बढ़कर 12, पीजी की 21 से बढ़कर 24 तथा पीएचडी पाठ्यक्रमों की संख्या 11 से बढ़कर 18 हो गई है। बी.टेक (AI & ML), बीसीए, बी.कॉम (लॉजिस्टिक्स), एमएचएमटी और एलएलएम जैसे नए रोजगारपरक कोर्स शुरू किए गए हैं।
भारतीय ज्ञान प्रणाली व भाषा संवर्धन: ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र’ और संस्कृत विभाग के माध्यम से संस्कृत एम.ए. एवं भगवद्गीता में डिप्लोमा शुरू किया गया है।
अनुसंधान एवं नवाचार में वृद्धि: अनुसंधान पत्रों में 50% से अधिक की वृद्धि (323 से बढ़कर 487) हुई है, साइटेशन्स 6,567 तक पहुंचे हैं और H-इंडेक्स 36 हो गया है। कुल 7 पेटेंट स्वीकृत और 9 प्रकाशित हो चुके हैं तथा 15 शोध परियोजनाएं संचालित हैं।
रणनीतिक साझेदारियां (MoUs): FICCI, स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट (SJHIFM), जीयो गीता ज्ञान संस्थानम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के साथ एमओयू किए गए हैं।
कौशल विकास व खेल-सांस्कृतिक उपलब्धियां: ‘सेंटर फॉर स्किल एन्हांसमेंट एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ (SEPD) का गठन किया गया है। खेलकूद में ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी और खेलो इंडिया में कई पदक जीते गए हैं।
आधारभूत संरचना विकास: परिसर में 260 छात्राओं की क्षमता वाला ‘भगिनी निवेदिता कन्या छात्रावास’ क्रियाशील हो चुका है। 20,000 वर्ग मीटर में इंडोर व आउटडोर खेल स्टेडियम, अटल लाइब्रेरी का विस्तार और टाइप-IV आवासों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
समारोह के अंत में प्रो. अदिति शर्मा द्वारा सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रोफेसर सुनील कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता (DSW) प्रोफेसर करण सिंह, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी, शोधार्थी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि (पत्रकार बंधु) तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।












