रेवाड़ी ( Best24News) : रेवाड़ी में एक बार फिर एक वीडियो वायरल हो रही है। बताया जा रहा है सीएम के आदेश के बावजदू गढी बोलनी रेाड पर स्ट्रीट लाईटे नहीं जलाई गई।रेवाड़ी में हर साल स्ट्रीट लाइटो के नाम पर लाखों रूपए खर्च किए जाते है। लेकिन उनकी देखरेख को लेकर हमेशा ही लापरवाही बरती जा रही है। इस बार यह लापरवाही सीएम केदौरे पर देखने को मिले। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का काफिला करीब दो किलोमीटर तक अंधेरे में गुजरा।
अमनगनी से रेजांगला पार्क के बीच गढ़ी बोलनी रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। इसका वीडियो वायरल हो गया है कि यहां की लाइटें क्यों बदं थी। अब सवाल यह उठता है ये किसकी अधीन आती है। पढिए किसने क्या कहा। PWD और नगर परिषद के अधिकारियों से बात की। दोनों विभागों के अधिकारी एक-दूसरे का एरिया बताते हुए जिम्मेदारी से पल्ला छाड लिया।
बैठक में भी उठा लाइटों का मुद्दा
अमनगनी में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में भी CM के सामने गढ़ी बोलनी रोड पर बनी सोसायटियों को नगर परिषद के अधीन लाने की मांग रखी गई। व्यापारियों ने कसौला चौक तक का एरिया नगर परिषद के अधीन करने, आरआरटीएस परियोजना जल्द शुरू करवाने और पटौदी रोड का निर्माण जल्द पूरा करवाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बता दे मुख्यमंत्री नायब सैनी रविवार को रेवाड़ी में मैराथन में शामिल हुए। इसी को लेकर एक दिन पहले शनिवार रात को ही नायब सैनी रेवाड़ी पहुंच गए थे। बता दे कि देर रात करीब साढ़े 11 बजे उनका काफिला गढ़ी बोलनी रोड से होते हुए PWD रेस्ट हाउस के लिए पहुंचा।
जब वहां से काफिला गुजरा तो अमनगनी से रेजांगला पार्क तक करीब 2 किलोमीर तक स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। इस दौरान काफिले की गाड़ियां अंधेरे में गुजरीं। CM के काफिले में शामिल गाड़ियों का अंधेरे में निकलते का वीडियो सामने आया। अब सवाल यह है जब सीएम के दौरे में जो लाइटें नही जलाई गई ऐसे में आप जान सकते है ये लाइटे कब जलती होगी। साफ जाहिर है लाइटों के नाम पर अधिकारी ठेकेदारों से मिलकर अपने जेब भर रहे है। इतना ही नहीं यह कोई पुराना ममाला नहीं है। एक बार एजेंसी को ठेका देकर लगवा देते है फिर उसको मेंनटेन के नाम पर जेब भरते रहते है। सबसे अहम बात यह है कार्रवाई कौन करें। नीचे से लेकर उपर तक सब चोर है।
बता दे कि नगर परिषद के एक्सईएन अंकित वशिष्ट ने कहा कि रेजांगला पार्क तक का एरिया नगर परिषद के अधीन आता है। इसके ठीक आगे नगर परिषद की हद खत्म हो जाती है। मुझे नही पता कि ये किसके अधीन है। हां इतना है हमारे अधीन नहीं है।
PWD के एक्सईएन सत्येंद्र श्योराण ने कहा कि रोड PWD के अधीन है, लेकिन स्ट्रीट लाइट उनके अधीन नहीं आती। यह नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र का मामला है। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारी बेहतर बता सकते हैं।












