रेवाड़ी (Best24News): रेवाड़ी साइबर थाना पुलिस को साइबर ठगी में बड़ी सफलता मिली है। ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर गूगल से फर्जी कस्टमर केयर नंबर निकालकर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के धारूहेड़ा पुलिस ने काबू किया है। दोना आरापियो ने धारूहेड़ा की एक महिला को करीब 1.43 लाख रुपये का चूना लगाया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान यमुनानगर जिले के जगाधरी की महाबीर कॉलोनी निवासी कमल वर्मा और तेजली गेट निवासी चेतन के रूप में हुई है।
गूगल से निकाला था फर्जी नंबर: जांचकर्ता ने बताया कि धारूहेड़ा की एक सोसाइटी में रहने वाले संजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। 3 अगस्त को उनकी पत्नी ने ‘मीशो ऐप’ (Meesho App) से सामान ऑर्डर किया था। ऑर्डर तो कंफर्म नहीं हुआ, लेकिन उनके खाते से 1,398 रुपये कट गए।
कटे हुए पैसे वापस पाने के लिए पीड़ित महिला ने गूगल पर मीशो का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। गूगल से मिले एक नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले ठग ने खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और बातों में उलझाकर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके कुछ ही देर बाद महिला के बैंक खाते से 1,42,807 रुपये कटकर दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए।
यमुनानगर से धरे गए दो ठग, एक ने दिया था बैंक खाता तो दूसरे ने निभाई थी बिचौलिए की भूमिका शिकायत के आधार पर साइबर थाना रेवाड़ी में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को धर दबोचा:
- कमल वर्मा: आरोपी कमल के बैंक खाते में ठगी की रकम में से लगभग 50,000 रुपये ट्रांसफर हुए थे।
- चेतन: आरोपी चेतन ने कमल का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने में मध्यस्थ (बिचौलिए) की भूमिका निभाई थी।
आरोपी भेजे गए जेल, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया है। साइबर पुलिस का कहना है कि गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जिन्हें जल्द काबू कर लिया जाएगा।
Best24News की अपील: सावधान रहें!
कभी भी गूगल पर बैंक, शॉपिंग ऐप या पेमेंट वॉलेट के कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें।
हमेशा आधिकारिक ऐप (Official App) या वेबसाइट के सपोर्ट सेक्शन का ही इस्तेमाल क













