रेवाड़ी (Best24News): नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में रेवाड़ी की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) डॉ. मैनपाल रामावत की अदालत ने महेंद्रगढ़ के रहने वाले आरोपित गगन को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जानिए कब का है मामला: मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि थाना कोसली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 1 जनवरी 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बहन अचानक घर से लापता हो गई है और परिजनों को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके अपहरण का शक जाहिर किया है।ै
कोसली थाना पुलिस ने पीडित की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज लिया था तथा कार्रवाई करते हुए नाबालिग को जिला महेंद्रगढ़ के एक गांव से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस द्वारा बरामद किए जाने के बाद पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव का रहने वाला गगन उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की धाराएं जोड़ते हुए आरोपी गगन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी को लेकर महिला विरुद्ध अपराधों और पॉक्सो एक्ट के मामलों में पुलिस ने तकनीकी व महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की। कोसली थाना पुलिस की उत्कृष्ट पैरवी, गवाहों के बयान और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी गगन को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई।












