रेवाड़ी: घरेलू गैस सिलिंडर की ई-केवाइसी पूरी करने की डेडलाइन बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है। केवल एक दिन ही शेष बचा है। लेकिन अगर फिर भी किसी कनेक्शन धारक ने ई-केवाइसी नहीं कराई तो उसकी ऑनलाइन बुकिंग बंद कर जाएगी। सबसे अहम बात यह है पूरे जिले में करीब 11 हजार ऐसे कनेक्शन हैं, जो या तो मृत लोगों के नाम पर अभी तक चल रहे थे या फिर एक ही परिवार में यानी पति-पत्नी के नाम पर कनेक्शन लिए हुए थे।
जानिए क्या है इसका मकसद: बता दे कि सब्सिडी का लाभ बिचौलियों की बजाय केवल वास्तविक लाभार्थी के बैंक खाते में ही पहुंचे। साथ ही आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर त्योहार या मांग बढ़ने पर होने वाली किल्लत को समाप्त हो सके। सस्ते घरेलू सिलिंडर के व्यावसायिक दुरुपयोग पर लगाम लगाना भी इस जांच का बड़ा हिस्सा है। शुरुआत में जानकारी के अभाव में कम ही लोगों ने ई-केवाइसी कराई, लेकिन अब कार्य में तेजी आई है।
इन लोगो का ही होगी आफत: सबसे ज्यादा मुश्किल उन ढाबा, रेहड़ी या फिर श्रमिकों को होगी, जो अभी तक घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग किसी और के नाम पर कर रहे थे। गैस एजेंसियों के मुताबिक, अगर किसी मृत व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन है, तो ऐसे कनेक्शन वारिस होने के कागजात जमा कराकर स्वयं के नाम पर कनेक्शन करा सकते हैं।
जानिए कितने है जिले में कनेक्शन: बता दे रेवाड़ी अलग-अलग कंपनियों की 28 गैस एजेंसी हैं, जिन पर 3.26 लाख घरेलू गैस सिलिंडर कनेक्शन धारक हैं। पिछले दिनों हुई सिलिंडर की मारामारी के बाद कंपनियों ने कनेक्शन धारकों की ई-केवाइसी कराने का फैसला किया था। जिससे कि सिलिंडर की कालाबाजारी पर रोक लग सके।
जल्द होगा बडा बदलाव: बता दे कि ई-केवाइसी के बाद गैस प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। डिलीवरी कर्मियों के लिए सिस्टम जनरेटेड ओटीपी और बायोमैट्रिक पुष्टि के बिना सिलिंडर सौंपना नामुमकिन होगा। फर्जी बुकिंग बंद होने से एजेंसियों के पास गैस का अतिरिक्त कोटा उपलब्ध होगा, जिससे वैध उपभोक्ताओं को समयावधि सिलिंडर मिल जाएगा।












