Haryana News: रेवाड़ी (Best24News): रेवाड़ी की पॉक्सो एक्ट एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 10 महीने की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में बडा फैसला सुनाया है। अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत की कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास (Life Imprisonment) तथा 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानिए क्या था पूरा मामला?
मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति ने थाना शहर रेवाड़ी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह रेवाड़ी शहर के एक मोहल्ले में किराये के मकान पर अपने परिवार के साथ रहता है। 20 दिसंबर 2025 को उसके पड़ोस में रहने वाला आरोपी युवक उसकी 10 महीने की दूधमुंही बच्ची को खिलाने के बहाने अपने कमरे पर ले गया था। कुछ देर बाद जब बच्ची के रोने की जोर-जोर से आवाज आई, तो मां ने मौके पर जाकर देखा।
मासूम बच्ची गंभीर और लहु-लुहान हालत में पड़ी थी और आरोपी युवक मौका पाकर वहां से फरार हो गया था। परिजनों की शिकायत पर थाना शहर रेवाड़ी पुलिस ने तत्काल पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
पुख्ता सबूतों से मिला न्याय: रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा (IPS) के निर्देशों पर थाना शहर पुलिस ने मामले में त्वरित व वैज्ञानिक अनुसंधान (Investigation) करते हुए अदालत में मजबूत व तकनीकी साक्ष्य (Proof) प्रस्तुत किए।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना और उसे जीवनभर के लिए जेल की सलाखों के पीछे भेजने का फैसला सुनाया।














