धारूहेड़ा: मसानी बैराज से आ रहे दूषित और काले पानी ने आसपास के गांवों में तबाही मचानी शुरू कर दी है। गांव खलियावास में दूषित जलभराव के कारण दो ग्रामीणों के मकानों की दीवारें गिर गईं। दीवार गिरने के वक्त पास ही काम कर रहे किसान बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। ग्रामीणों में इस प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी रोष है।

जलभराव से गिरी दीवारें, किसानों की जान पर बनी: मसानी बैराज से काफी बडी मात्रा में काला केमिकलयुक्त गंदे पानी ने गांव खलियावास को चारों तरफ से घेर लिया है। पानी के अत्यधिक भराव और मकानों की नींव में पानी रिसने के कारण गांव के निवासी शमशेर और लीलू के मकानों की दीवारें अचानक ढह गईं। इतना ही नहीं गांव में कई एकड में जलभराव हो गया है।
केमिकलयुक्त काले-हरे पानी से महामारी का डर
गांव खलियावास में घुसे इस बदबूदार और दूषित पानी से न केवल मकानों और फसलों को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि गांव में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी से नालियां और रास्ते पूरी तरह लबालब हो चुके हैं, जिससे लोगों का अपने ही घरों से निकलना दूभर हो गया है। पानी की बहाव लगातार बढता ही जा रही है अगर तीतरपुर जाने वाली सडक को नही तोडने गांव की पानी में डूब जाता।
बाल-बाल बचा किसान: प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि जिस समय शमशेर के मकान की दीवार गिरी, ठीक उसी समय उसके पास एक किसान काम कर रहा था। गनीमत यह रही कि दीवार का मलबा किसान के ऊपर नहीं गिरा और वह समय रहते दूर हट गया, वरना बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।

गांव खलियावास में घुसे इस बदबूदार और दूषित पानी से न केवल मकानों और फसलों को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि गांव में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
मोतीलाल खलियावास
मसानी बैराज से आ रहे दूषित पानी की समस्या को लेकर वे कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई पुख्ता समाधान नहीं किया गया है। प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
राजकुमार, सरपंच खलियावास
धारूहेड़ा: गांव खलियावास में भरा काला पानी
धारूहेड़ा:: गांव खलियाास में जलभराव से गिरी मकान की दीवार














