Breaking News: शिक्षा का अधिकार अधिनियम के चलते लापरवही बरतने वाले रेवाड़ी के 16 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया गया था। क्योंंकि इन स्कूलों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों को 25 फीसदी सीटें का ब्यौरा नहीं दिया गया। बता दे एक बार फिर शिक्षा विभाग लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई कर रहा हैं
हालांकि, इन 16 स्कूलों ने निर्धारित समय में जानकारी नहीं दी। ब्योरा न मिलने के कारण विभाग पोर्टल पर इन स्कूलों की सीटें नहीं दिखा सका। नतीजा, जिले के काफी जरूरतमंद बच्चों को इन स्कूलों में दाखिले का मौका नहीं मिल पाया। बार बार नोटिस देने के बावजूद लापरवाही की जा रही थीं अब इनकों नोटिस भेजा गया है। अगर नोटिस को जबाब देकर जुर्माना नहीं भरा तो दाखिले पूर्णतया बदं कर दिए जाएंगे।
16 स्कूलो पर की थी कारवई
बता दे शिक्षा विभाग की ओर से लापरवाही के चलते रेवाड़ी 16 निजी स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया गया था। वहीं अब इन स्कूलों को नोटिस जारी करके न केवल जवाब मांगा जाएगा बल्कि जुर्माना भी लगाया जाएगा। छह हजार रुपये दाखिला फीस वसूलने वाले विद्यालयों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। बता दें कि इन स्कूलों ने बार-बार समय दिए जाने के बाद भी सीटों का ब्योरा नहीं दिया था। शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए थे कि वह आरटीई के तहत खाली सीटों का ब्योरा विभागीय पोर्टल पर अपडेट करें।
पिछले साल भी हुई थी कार्रवाई
गत वर्ष भी सीटों का ब्योरा नहीं देने वाले 20 से अधिक निजी स्कूलों का एमआइएस बंद किया गया था। तब निर्धारित जुर्माना भरने के बाद ही विभाग ने उनका एमआइएस दोबारा खोला था। इस बार फिर से विभाग की तरफ से सीटोें का ब्योरा नहीं देने वाले निजी विद्यालयों का एमआइएस पहले ही बंद कर दिया था। वहीं अब जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
जानिए क्या है नियम: “आरटीई के नियमों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई होती रही है। एक बार फिर नोटिए दिए गए है। विभागीय निर्देशानुसार ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई की जा रही है।”
-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी।













