धारूहेड़ा: औधोगिक कस्बे धारूहेड़ा के सोहना रोड स्थित भगवान सिंह कॉलोनी में बना प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था और भक्ति का मुख्य केंद्र है। मंदिर परिसर में स्थापित भव्य शिवलिंग और शांत वातावरण प्रतिदिन दर्जनों शिवभक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

मंदिर का इतिहास: मंदिर के इतिहास को लेकर कॉलोनी के बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1992 में जब भगवान सिंह कॉलोनी विकसित होना शुरू हुई थी, तब आसपास कोई निकटतम मंदिर नहीं था।
उस समय कॉलोनी के निवासियों को पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए धारूहेड़ा शहर या दूर जाना पड़ता था। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कॉलोनी वासियों ने एक विशेष बैठक बुलाई तथा मंदिर बनाने के लिए चंदा एकत्रित किया।
कार्यक्रम: सावन माह में श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते। मंदिर में साल मे दो बार जागरण व भंडरा होता है। मंदिर में रोजाना भजन-कीर्तन, आरती तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है। मंदिर में शिव रात्रि पर कांवड भी चढाई जाती है।

कैसे पहुंचे मंदिर: धारूहेड़ा बस स्टेंड से करीब 5 किलोमीटर दूर सोहना रोड पर मंदिर है। यहां पर धारूहेड़ा निजी वाहन तथा सार्वजनिक परिवहन से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मंदिर सुबह शाम आरती के समय काफी लोग आते है। मंदिर में पूजा अर्चना करने से मनोकामना पूर्ण होती है। आस्था के चलते यहां काफी भीड बनी रहती है।
पुजारी सुरेंद्र शुकला
पहले कालोनी में कोई मंदिर नही था। आस्था के चलते यहां पर रोजाना लोग पूजा के आते है। मंदिर पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है
लोकेश श्रऋालु














