धारूहेड़ा: ग्राम पंचायत मालाहेड़ा के सरपंच को उपायुक्त रेवाडी ने तत्काल प्रभाव से सरपंच निलंबित को निलंबित कर दिया है। सरपंच पर ग्राम पंचायत की आम रास्ता पर अवैध कब्जा करने और नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाने के आरोप हैं। मामले की जांच और सुनवाई के बाद उपायुक्त रेवाड़ी ने यह कार्रवाई की है। सरपंच निलंबन की चर्चा जिले में आग की तरह फैल गई है।
पहले जारी किया था कारण बताओ नोटिस
आदेश में बताया गया है कि सरपंच को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब में उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शिकायत राजनीतिक रंजिश के कारण की गई है और रास्ते पर उनका कोई अवैध कब्जा नहीं है। हालांकि रिकॉर्ड, संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद उपायुक्त ने माना कि पंचायत रास्ते से कब्जा नहीं हटाया गया। इसके आधार पर सरपंच को निलंबित कर दिया गया।

बार बार कहने के बावजूद नही हटाया अवैध कब्जा
निलंबन आदेश के तहत महेश कुमार अब ग्राम पंचायत की बैठकों और कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। साथ ही हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51(6) के अनुसार पंचायत की चल और अचल संपत्ति का चार्ज बहुमत वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतियां विकास एवं पंचायत विभाग, सीईओ जिला परिषद, एसडीएम रेवाड़ी, बीडीपीओ और संबंधित सरपंच को भेज दी गई हैं।

क्या कहते सरपंच: सरपंच महेश ने कहा कि शिकायत राजनीतिक रंजिश के कारण की गई है और रास्ते पर उनका कोई अवैध कब्जा नहीं है। मेरे द्वारा फोटो व सभी सबूत दिया जा चुके हैं। फिलहाल उसे कोई निलंबन का लेटर नही मिला है।
बीडीपीओ सरजीत सिंह ने बताया कि काफी समय पहले शिकायत मिली थी। प्रशासन की ओर से जांच करवाई गई तो वे जांच में दोषी मिले। इसी केा लेकर उपायुक्त की ओर से सरपंच मालाहेडा को निंलबित किया गया है। लेटर सरपंच को भेज दिया गया है।













