रेवाड़ी में 36.18 लाख की साइबर ठगी: रेवाड़ी साइबर थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 36.18 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में रेवाड़ी साइबर थाना पुलिस को एक ओर आरोपित को काबू किया है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में संलिप्त छठे आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान नितेश पिरमलाल देवगडे (निवासी सेजगांव, जिला गोंदिया, महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। पुलिस इसी मामले में इससे पहले 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

मोटा मुनाफा का झासां देकर फसाया
बता दें कि पिछले वर्ष 23 अगस्त को सरकुलर रोड रेवाड़ी निवासी धीरज शर्मा ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट में निवेश का एक विज्ञापन देखा था। उस विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर साइबर ठगों ने उसे मोटा मुनाफा कमाने के टिप्स दिए।
4.33 करोड़ दिखाया था फर्जी मुनाफा
झांसे में आकर धीरज ने 20 जुलाई 2025 से 19 अगस्त 2025 के बीच अलग-अलग 10 बैंक खातों में कुल 36,18,080 रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने एक फर्जी ऐप पर धीरज का शेयर खाता बनाकर उसमें लगभग 4.33 करोड़ रुपये का फर्जी प्रॉफिट भी दिखा दिया। लेकिन जब धीरज ने वह राशि निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने 10 लाख रुपये और मांग लिए, जिसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
जानिए कौन करवाते खात मुहैया
साइबर थाना रेवाड़ी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और पहले ही 5 आरोपियों—हर्ष कदम (इंदौर, MP), दीपक सिंह चौहान (इंदौर, MP), फैजान (रामपुर, UP), अभिषेक शर्मा उर्फ बंटी (राजगढ़, MP) और चेतन भीवराम चकॉटे (गोंदिया, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपितों को भेजा जेल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शनिवार को गिरफ्तार किए गए नए आरोपी नितेश पिरमलाल देवगडे ने मुख्य साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते मुहैया कराने में बिचौलिए (मध्यस्थ) की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया है और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।













