Haryan crime: साइबर क्राइम थाना रेवाड़ी पुलिस ने धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जिला जींद के न्यू हाऊसिंग बोर्ड निवासी मनोज श्योकन्द, जिला जींद के गांव करेला निवासी पंकज व जिला जींद के जोगेन्द्र नगर निवासी हरप्रीत के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। Haryan crime
जानिए कैसे की थी ठगी: बता दें कि गत 22 अप्रेल को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि गत 27 व 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उसकी सिम बंद होने वाली है। उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है। उसके खिलाफ मुबंई में एफआईआर दर्ज है।
उसे बताया गया कि उसके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं। इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया गया है। अगर वह बचना चाहता है, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शुरू में उसने कुछ रकम ट्रांसफर की, तो उसे मनी लार्डिंग के केस में फंसाने की धमकी देने हुए और पैसे ट्रांसफर करा लिए। उसे और उसकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया। उसे बार-बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए।
उसके फोन पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद निगरानी रखी गई, जिससे वह और उसकी पत्नी कमरे में बंधक बने रहे। राजपाल ने पुलिस शिकायत में बताया कि मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड कराने के बाद उसे और उसकी पत्नी को ऑनलांइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट, जज और फर्जी रसीद दिखाए गए। फर्जी जज ने प्रॉपटी की वेरिफिकेशन करते हुए उसे बेचेन और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा।
जिस पर पुलिस ने साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके मामले में संलिप्त सात आरोपी राजस्थान के जिला करौली के गांव पांचौली निवासी रौनक जाटव, इसी जिले के गांव रिठौली निवासी पंकज सैनी, युपी के जिला मैहोबा के गांव झीर सहेवा हाल किरायेदार जिला गुरुग्राम के नरसिंहपुर निवासी सुषमा,उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रूडकी के मोहल्ला गणेशपुर निवासी दिवान्शु, एमपी के जिला भिंड के गांव मुरावली हाल आबाद कौच तिराहा निवासी मानवेंद्र कौरव, एमपी के जिला दतिया के गांव परासरी निवासी मनविंद्र व दिल्ली के बिजवासन के होली चौक निवासी रोहित को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
जो इस मामले में पुलिस ने बुधवार को मामले में संलिप्त तीन और आरोपी जिला जींद के न्यू हाऊसिंग बोर्ड निवासी मनोज श्योकन्द, जिला जींद के गांव करेला निवासी पंकज व जिला जींद के जोगेन्द्र नगर निवासी हरप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मनोज श्योकन्द के बैंक खाते में ठगी के कुल 1 लाख 8 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि आरोपी पंकज व हरप्रीत ने ठगों को उसका बैंक खाता मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को पेश अदालत करके आरोपी मनोज श्योकन्द को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है तथा आरोपी पंकज व हरप्रीत को पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
आमजन को अपील: रेवाड़ी पुलिस आम जनता से अपील करती है कि किसी भी अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल, ट्राई, पुलिस या सीबीआई के नाम पर की गई धमकियों से डरें नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर ‘डिजिटल अरेस्ट‘ नहीं करती। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।












