गुरुग्राम: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की गरिमामयी उपस्थिति में गुरुग्राम में नवनिर्मित ‘टावर ऑफ जस्टिस’ (Tower of Justice) का भव्य उद्घाटन किया।
लगभग 51 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद गुरुग्राम को यह नया और विशाल जिला न्यायालय परिसर मिला है, जो उत्तर भारत के सबसे बड़े और आधुनिक न्यायिक परिसरों में से एक है। करीब 7 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस आधुनिक परिसर में एक बड़ा मल्टी-लेवल बेसमेंट और बिल्डिंग के भीतर ही 530 वाहनों के लिए इनडोर पार्किंग की शानदार सुविधा मौजूद है।
1975 में बना भवन अब जर्जर हो चुका
1975 में बना भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बढ़ते न्यायिक कार्यभार के अनुरूप अपर्याप्त साबित हो रहा था। कार्यभार के अनुरूप न होने के कारण कुछ अदालतें मिनी सचिवालय के साथ लगते भवन में और कुछ आदतें विकास सदन में भी चलाई जा रही हैं। जिला की न्यायिक व्यवस्था का इतिहास छह दशक से अधिक पुराना है। 4 सितंबर 1959 को बसंत लाल मल्होत्रा की अध्यक्षता में वरिष्ठ उप न्यायाधीश (सीनियर सब जज) की अदालत स्थापित हुई।
इसके बाद पहली अप्रैल 1965 को हरि प्रकाश की अध्यक्षता में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत शुरू हुई। शुरुआत में न्यायिक कार्य पुराने न्यायालय परिसर सिविल लाइंस से संचालित होता रहा है।
1975 में सभी अदालतों को नए न्यायालय भवन में स्थानांतरित किया गया। जो अब 51 वर्ष बाद जर्जर हो चुका है। इसी परिसर में जिला अदालत चल रही है। इसके अलावा जिला में पटौदी और सोहना सब डिविजनल अदालत है। इसी पुराने परिसर की जगह आधुनिक टावर आफ जस्टिस न्यायिक व्यवस्था के नए युग की शुरुआत करेगा।

गुरुग्राम को मिला ‘टावर ऑफ जस्टिस’, CJI सूर्यकांत और CM नायब सैनी ने किया उद्घाटन
टावर ऑफ जस्टिस’ से होने वाले मुख्य फायदे और सुविधाएं
एक ही छत के नीचे 56 कोर्ट: इस आधुनिक परिसर में कुल 56 न्यायालय (55 कोर्टरूम) एक साथ काम करेंगे। सभी न्यायाधीशों के एक ही जगह उपलब्ध होने से मुकदमों और मामलों के त्वरित निपटारे में बड़ी मदद मिलेगी।
अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक: पूरा परिसर डिजिटल सुविधाओं से लैस है। इसमें उन्नत सर्वर रूम, आधुनिक सीसीटीवी कंट्रोल रूम और डिजिटल कोर्ट प्रबंधन प्रणाली मौजूद है, जो कानूनी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाएगी।
सुरक्षित न्यायिक ढांचा: पुराने कोर्ट परिसर में आग लगने की घटना के बाद न्यायिक कामकाज बाधित हुआ था। इस नए सुरक्षित ढांचे में एडवांस्ड फायर सेफ्टी, भूकंपरोधी मजबूत इमारत और अलग से सुरक्षित रिकॉर्ड रूम बनाए गए हैं।
महिला व बाल सुरक्षा: आम जनता और महिला अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए परिसर में क्रेच (बच्चों के खेलने की जगह) और शिशु देखभाल कक्ष (Mother & Child Care Room) जैसी नागरिक-केंद्रित विशेष सुविधाएं दी गई हैं।
आम जनता और वकीलों के लिए सुविधाएं: वादकारियों (आम जनता) के बैठने के लिए विशाल प्रतीक्षा क्षेत्र, कैफेटेरिया और आधुनिक लॉक-अप बनाए गए हैं। साथ ही वकीलों के लिए एक बड़ी बार लाइब्रेरी (Bar Library) और सर्वसुविधायुक्त बार रूम की व्यवस्था की गई है।













