मोनू हत्याकांड में बड़ा सवाल: रेवाड़ी के चर्चित मोनू हत्याकांड में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में पीड़ित परिवार लगातार इंसाफ का इंतजार कर रहा है।
ढाणी जड़थल निवासी 21 वर्षीय मोनू की हत्या के मामले में पुलिस अब तक कई अहम खुलासे कर चुकी है। वहीं, मुख्य आरोपी की तलाश अभी जारी बताई जा रही है।
पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, मोनू की पत्नी तन्नु और उसके प्रेमी समेत कुछ अन्य लोगों पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप सामने आया है। पुलिस इस मामले में पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच में सामने आया कि 8 जून को मोनू को मिलने के बहाने बुलाया गया था। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंकने की बात सामने आई।
नहर में मिला था मोनू का शव
मोनू के परिवार ने 9 जून को उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अगले दिन उसका शव आसलवास के पास नहर में मिला था। शुरुआत में मामला हादसा माना जा रहा था, लेकिन बाद में जांच के दौरान कई अहम बातें सामने आईं।
मोबाइल फोन ने खोले कई राज
पुलिस जांच में मोबाइल फोन और कॉल डिटेल अहम साबित हुई। फोन की जांच के बाद पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली और हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
जांच के दौरान पुलिस ने हरिओम और अमन नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनू की तलाश जारी है।
3 साल की शादी में सिर्फ कुछ दिन ही ससुराल आई थी पत्नी
परिजनों के मुताबिक, मोनू और तन्नु की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। इस दौरान पत्नी बहुत कम समय के लिए ससुराल आई थी। पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
परिवार की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर
मोनू हत्याकांड में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्य आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आएगा। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।













