Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कहा है कि लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पानी की समस्या पर अधिकारियों को चेतावनी
एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी इलाके में पेयजल संकट की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पानी की समस्या लगातार बनी रहती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने पर विचार किया जाए, ताकि लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
पुरानी पाइपलाइनें बदलने की तैयारी
सरकार ने राज्यभर में जर्जर और पुरानी पेयजल पाइपलाइनों को बदलने की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार करीब 1245 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा, जिससे पानी की गुणवत्ता बेहतर होगी और दूषित जल की समस्या कम होगी।
इसके साथ ही पानी को अधिक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए नई पाइपलाइन आधारित व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी काम शुरू किया जाएगा।
सीवर ओवरफ्लो और खुले ढक्कनों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो और टूटे हुए मैनहोल कवर की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का तुरंत समाधान किया जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मानसून सीजन से पहले सभी शहरों में सीवरेज नेटवर्क की विशेष सफाई अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
घग्गर नदी को प्रदूषण से बचाने की तैयारी
बैठक में नदियों में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घग्गर नदी में प्रदूषित पानी जाने से रोकने के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
इसके अलावा जल परियोजनाओं में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया ताकि ऊर्जा खर्च में कमी लाई जा सके।
इन शहरों के लिए बनेगी विशेष रणनीति
पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी और हांसी जैसे शहरों में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पिंजौर, कालका और मोरनी क्षेत्र में अतिरिक्त जल संरचनाएं विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार कौशल्या डैम की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम करेगी ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
2534 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए पेयजल, सीवरेज और स्वच्छता से जुड़ी 712 नई विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर लगभग 2534 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर जल आपूर्ति, आधुनिक सीवरेज सिस्टम और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पिछले साल हुए हजारों विकास कार्य
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष राज्य में 1330 से अधिक विकास कार्य पूरे किए गए। इनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नई जल परियोजनाएं, ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन और हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम शामिल रहा।













