Alwar Bypass: धारूहेड़ा (रेवाड़ी न्यूज़): जिले के सोहना-पलवल हाईवे और धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास पर एक बार फिर दूषित पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के पास भिवाड़ी के केमिकल युक्त गंदे पानी को रोकने के लिए बनाया गया मिट्टी का कच्चा तटबंध (बांध) अचानक टूट गया। मिट्टी का बांध टूटने से लाखों गैलन दूषित पानी भारी रफ्तार के साथ धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास और आस-पास की कॉलोनियों में घुस गया। एक बार फिर सोहना पलवल हाईवे पर जलगग्न हो गया है। यानि झील में तबदील हो गया है।Alwar Bypass
देखते ही देखते हाईवे पर कई स्थानों पर 2 से 3 फीट तक गहरा जलभराव हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान एक हरियाणा रोडवेज की बस भी इस गंदे पानी के सैलाब में फंस गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत कर यात्रियों को सकुशल बाहर निकाला।Alwar Bypass

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस यात्रियों को लेकर धारूहेड़ा से भिवाड़ी बाइपास होते हुए सोहना-तावडू की तरफ जा रही थी। इसी दौरान अचानक रैंप- तटबंध टूटने से भिवाड़ी का गंदा पानी सड़क से होते हुए धारूहेड़ा में घुस गया। देखते ही देखते सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। इसी दौरान रोडवेज की बस पानी में फंसने से बीच सड़क पर फंस गई।
भिवाड़ी बाइपास पर जमा फैक्ट्रियों के दूषित पानी
भिवाड़ी बाइपास पर जमा फैक्ट्रियों के दूषित पानी ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। करीब एक सप्ताह से जमा दूषित पानी ने धारूहेड़ा व भिवाड़ी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। भिवाड़ी बाईपास रोड पर जलभराव के कारण हालात बिगड़ गए। सोमवार को एक रोडवेज बस दूषित में धंस गई,जिससे सवारियों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया।

दूषित पानी में फंसी हरियाणा रोडवेज की बस, ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू
रेवाड़ी-पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े इस मुख्य बाईपास पर अचानक आए पानी के कारण वाहन चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इसी दौरान वहां से गुजर रही हरियाणा रोडवेज की एक बस पानी के तेज बहाव और गहरे जलभराव के बीच जाकर फंस गई।Alwar Bypass
बस के चारों तरफ 3 फीट तक बदबूदार पानी जमा हो गया और इंजन बंद होने से यात्री अंदर ही फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए आगे आए। लोगों ने घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच जाकर बस में फंसे सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।Alwar Bypass
कॉलोनियों के घरों में घुसा केमिकल का पानी
हाईवे के साथ-साथ इस दूषित पानी ने धारूहेड़ा की आसपास की रिहायशी कॉलोनियों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस गया है, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया है।

दुकानदारों ने रोष जताते हुए बताया कि प्रशासन हर बार केवल मिट्टी का कच्चा बांध बनाकर पानी रोकने का दिखावा करता है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस केमिकल युक्त पानी के कारण पूरे इलाके में भयंकर बदबू फैल रही है, जिससे महामारी और संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।Alwar Bypass
क्या हुआ नितिन गडकरी की ₹150 करोड़ की ड्रेन योजना का
धारूहेड़ा और भिवाड़ी बॉर्डर पर पिछले कई वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए केंद्र सरकार ने पहल तो की थी, लेकिन धरातल पर अभी तक इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
5 महीने पहले हुई थी बैठक: इस मुद्दे को लेकर करीब 5 महीने पहले दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें हरियाणा और राजस्थान के शीर्ष नेता व अधिकारी शामिल हुए थे।

6 किलोमीटर लंबी ड्रेन का प्लान: जलभराव को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को 6 किलोमीटर लंबी ड्रेन (नाले) के निर्माण के लिए सर्वे करने के सख्त निर्देश दिए थे।Alwar Bypass
150 करोड योजना कहां गई: इस बड़ी जल निकासी परियोजना पर ₹150 करोड़ की लागत आनी तय हुई है। नियम के अनुसार, इसमें राजस्थान और हरियाणा सरकारें 25-25 करोड़ रुपए का योगदान देंगी, जबकि शेष बची हुई भारी राशि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा वहन की जाएगी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इस कागजी योजना का जमीनी स्तर पर काम शुरू न होने का खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है।Alwar Bypass












