Haryana News: हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिलों के सिविल सर्जन पहले की तुलना में कहीं अधिक वित्तीय अधिकारों के साथ काम कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए लंबे इंतजार की जरूरत नहीं पड़ेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तेजी से मिल सकेंगी।
10 गुना बढ़ी सिविल सर्जनों की वित्तीय शक्ति
राज्य सरकार ने सिविल सर्जनों की वित्तीय मंजूरी सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने का फैसला लिया है। इस बदलाव के बाद अस्पतालों में छोटे-मोटे विकास कार्य, मरम्मत और जरूरी व्यवस्थाओं के लिए बार-बार उच्च स्तर की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे फैसले तेजी से होंगे और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं देने की तैयारी
सरकार का फोकस अब जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर है। अस्पतालों में साफ-सफाई, बेहतर पेयजल व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल उपकरण और मरीजों के लिए आरामदायक माहौल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। कई जिलों में चल रहे नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा भी की गई है ताकि योजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।
रेवाड़ी समेत कई जिलों में लगेंगी मैमोग्राफी मशीनें
महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रेवाड़ी, पंचकूला, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, नारनौल और गुरुग्राम सहित कई जिलों के अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। इससे स्तन कैंसर की शुरुआती जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी और मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
एमआरआई, सीटी स्कैन और हाईटेक लैब पर विशेष जोर
सरकारी अस्पतालों में पहले से उपलब्ध आधुनिक जांच सुविधाओं को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है। एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे जैसी सेवाओं के साथ-साथ लैब सिस्टम को भी हाईटेक बनाने पर काम होगा। इससे मरीजों को एक ही स्थान पर अधिकतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
सोलर एनर्जी से चलेंगे अस्पताल, हरियाली अभियान भी तेज
अस्पताल परिसरों में बिजली खर्च कम करने के लिए छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अस्पतालों को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
रेवाड़ी के मरीजों को क्या होगा फायदा?
रेवाड़ी जिले के लोगों के लिए यह फैसला खास मायने रखता है। वित्तीय अधिकार बढ़ने से स्थानीय अस्पतालों में जरूरी कार्यों को तेजी से मंजूरी मिलेगी। वहीं नई मैमोग्राफी मशीन लगने से महिलाओं को उन्नत जांच सुविधा अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होने की उम्मीद है।












