शुक्रवार, 6 नवम्बर 2026

Rewari News: बेहद चमत्कारी है ये शिव मंदिर, इसकी कहानी सुनकर आज भी चौंक जाते हैं लोग

Written by: सुनील चौहान

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Rewari News: शहर की भीड़भाड़, दुकानों की चहल-पहल और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच एक ऐसा धार्मिक स्थल मौजूद है, जो सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं बल्कि रेवाड़ी के इतिहास का भी…


बेहद चमत्कारी है ये शिव मंदिर, इसकी कहानी सुनकर आज भी चौंक जाते हैं लोग
बेहद चमत्कारी है ये शिव मंदिर, इसकी कहानी सुनकर आज भी चौंक जाते हैं लोग
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Rewari News: शहर की भीड़भाड़, दुकानों की चहल-पहल और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच एक ऐसा धार्मिक स्थल मौजूद है, जो सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं बल्कि रेवाड़ी के इतिहास का भी अहम हिस्सा माना जाता है। पुराने बाजार क्षेत्र में स्थित श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था को संजोए हुए है। इस मंदिर से जुड़ी कई ऐसी लोककथाएं हैं, जो आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती हैं।

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जब रेवाड़ी का यह इलाका था बिल्कुल अलग

स्थानीय जानकारों के अनुसार, जिस स्थान पर आज मंदिर और बाजार दिखाई देता है, कभी वहां खुला क्षेत्र हुआ करता था। समय के साथ शहर विकसित हुआ, लेकिन मंदिर की पहचान लगातार मजबूत होती चली गई। कई पीढ़ियों ने इस मंदिर को बढ़ते और बदलते रेवाड़ी के साथ देखा है।

मन्नतों ने दिलाई नई पहचान

मंदिर के नाम को लेकर एक रोचक परंपरा बताई जाती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद यहां घंटी अर्पित करते थे। वर्षों तक यह सिलसिला चलता रहा और देखते ही देखते मंदिर परिसर में घंटियों की संख्या बढ़ती चली गई। इसी परंपरा ने इस स्थान को ‘घंटेश्वर महादेव‘ के नाम से प्रसिद्ध कर दिया।

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लोककथाओं में दर्ज है घंटियों का अनोखा रहस्य

मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में एक यह भी है कि यहां की घंटियों में अद्भुत सामंजस्य देखने को मिलता था। बुजुर्गों के बीच आज भी ऐसी कहानियां सुनाई जाती हैं कि एक घंटी की ध्वनि पूरे परिसर में गूंज पैदा कर देती थी। यही वजह है कि मंदिर को लेकर लोगों के मन में विशेष आकर्षण बना रहा।

आस्था का केंद्र बना स्वयंभू शिव धाम

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां स्थापित शिवलिंग विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यही कारण है कि सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

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धर्म के साथ समाज सेवा की मिसाल

मंदिर परिसर केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है। वर्षों से यहां सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों का आयोजन होता रहा है। जरूरतमंद लोगों की सहायता, सामुदायिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए यह स्थान समाज को जोड़ने का भी काम करता है।

नई पीढ़ी भी जानना चाहती है इस धरोहर की कहानी

डिजिटल दौर में जब लोग ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के बारे में जानने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं, तब श्री घंटेश्वर महादेव मंदिर की कहानी भी लोगों को आकर्षित कर रही है। रेवाड़ी आने वाले कई लोग इस मंदिर के इतिहास और इससे जुड़ी मान्यताओं को करीब से जानने की इच्छा रखते हैं।

सदियों पुरानी विरासत, लोकविश्वास और धार्मिक आस्था का संगम बना यह मंदिर आज भी रेवाड़ी की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

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सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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