Haryana Breaking News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के द्वारा हरियाणा के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। NCRPB की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में दक्षिणी हरियाणा के 66 मुख्य ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन स्थलों में विकसित करने का ऐलान किया गया।
इन सभी पर्यटन स्थलों पर विशेष तरह की सुविधा पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। यह सभी ऐतिहासिक स्थल हाईटेक रूप से तैयार होंगे ताकि पर्यटकों को यहां किसी भी तरह की परेशानी ना हो। इससे हरियाणा के पर्यटन को रफ्तार मिलेगा।
पर्यटन विकास को मिलेगी नई रफ्तार
राज्य सरकार लंबे समय से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है। अब मुख्यमंत्री ने राज्य के 66 ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का ऐलान कर दिया है जिससे हरियाणा को काफी फायदा मिलेगा।
महेंद्रगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरें होंगी विकसित
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल स्थित कई ऐतिहासिक स्मारकों को इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है। बीरबल का छत्ता, जल महल, त्रिपोलिया दरवाजा, इस्लामपुरा किला, चोर गुंबद, विभिन्न मकबरे और बावड़ियां प्रमुख हैं। इन सभी स्थलों को विशेष तरह से तैयार किया जाएगा ताकि यहां बड़े पैमाने पर पर्यटक आ सके।
रेवाड़ी और पलवल के धार्मिक स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
रेवाड़ी जिले के बाग वाला तालाब, बड़ा तालाब, भगवती भक्ति आश्रम, बावल किला और घंटेश्वर मंदिर जैसे स्थानों को पर्यटन दृष्टि से विकसित किया जाएगा। पलवल के बाबा उदासनाथ मंदिर, दौजी मंदिर, पंचायत मंदिर और पांडव वन को भी पर्यटन परियोजना में शामिल किया गया है।
फरीदाबाद गुरुग्राम सहित राज्य के कई जिलों के पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इस फैसले से राज्य के लोगों में खुशी देखने को मिल रही है। यह सभी पर्यटन स्थल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।













