महिला रैपिडो योजना को हरियाणा में ठंडा रिस्पॉन्स, कम आवेदन आने पर सरकार बढ़ा सकती है अंतिम तिथि

On: March 16, 2026 1:06 PM
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Women Rapido Scheme Gets Cold Response in Haryana, Government May Extend Application Deadline Due to Low Applications

Haryana सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला रैपिडो पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाकर अन्य महिलाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, योजना के लिए अब तक उम्मीद से काफी कम आवेदन आए हैं, जिससे विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए सात जिलों में जिला कल्याण अधिकारियों के माध्यम से 13 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा तक बहुत कम महिलाओं ने आवेदन किया। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन जिलों से कुल मिलाकर 50 से भी कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसे में अब मुख्यालय स्तर पर अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए या नहीं।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए आने वाले दो से तीन दिनों में इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। क्योंकि सरकार 19 मार्च को इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करने की तैयारी कर रही है। यदि आवेदन संख्या पर्याप्त नहीं बढ़ती है तो योजना की शुरुआत या उसकी प्रक्रिया में बदलाव भी संभव है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल ?

महिला रैपिडो पायलट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत वे महिलाएं जो दोपहिया वाहन चलाने में सक्षम हैं, उन्हें राइडर के रूप में काम करने का मौका मिलेगा।

इस योजना में खास बात यह है कि महिला राइडर केवल महिला यात्रियों को ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाएंगी। इससे महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा और साथ ही महिला राइडरों को आय का एक स्थायी साधन भी प्राप्त होगा।

योजना के तहत संबंधित निजी कंपनी महिलाओं को वित्तीय सहायता, भत्ते और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान करेगी। इससे महिलाओं के लिए इस क्षेत्र में काम करना आसान और सुरक्षित बन सकेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से महिलाओं की भागीदारी परिवहन क्षेत्र में भी बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

इन जिलों में शुरू होना था पायलट प्रोजेक्ट ?

हरियाणा सरकार ने इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए राज्य के सात जिलों का चयन किया है। इनमें सिरसा, पंचकूला, फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल और अंबाला जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन जिलों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां मोबिलिटी सेवाओं से जुड़ी निजी कंपनियां पहले से सक्रिय हैं और राइड सर्विस का अच्छा नेटवर्क मौजूद है।

सरकार का मानना है कि इन जिलों में इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है और इसके सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत 18 से 50 वर्ष तक की महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। योजना में अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता देने का भी प्रावधान रखा गया है, ताकि समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

कम आवेदन से बढ़ी विभाग की चिंता ?

योजना के लिए अपेक्षा से कम आवेदन आने से विभाग के अधिकारी भी चिंतित नजर आ रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि योजना के बारे में अभी भी कई महिलाओं को पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। यही कारण हो सकता है कि आवेदन संख्या कम रही।

अब विभाग इस बात पर विचार कर रहा है कि योजना के प्रचार-प्रसार को और अधिक बढ़ाया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसके बारे में जान सकें और आवेदन कर सकें। यदि जरूरत पड़ी तो आवेदन की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।

सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अनुसूचित जाति-पिछड़ा वर्ग कल्याण (अंत्योदय) विभाग के निदेशक प्रशांत पंवार ने बताया कि योजना को लेकर जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि आगे की प्रक्रिया क्या होगी और आवेदन को लेकर क्या निर्णय लिया गया है।

सरकार की यह पहल महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक महिलाएं इसमें भाग लें। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि योजना की आवेदन तिथि बढ़ाई जाएगी या फिर इसे तय समय पर ही शुरू किया जाएगा।

P Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे अपडेट की जाती है।

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