Haryana: हरियाणा के लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है, दरअसल हरियाणा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब ज्यादा सावधान हो जाने का वक्त है। हरियाणा में गाड़ियों के चालान करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। अब सीधे डिजिटल निगरानी के जरिए बिना फिजिकल वेरिफेकशन के चालान होगा।
हरियाणा पुलिस ने एक स्मार्ट डिजिटल एनफोर्समेंट सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत इंटेगरेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम की टीम शहर भर में लगे सीसीटीवी कैमरों से गाड़ियों की निगरानी कर रही है। जैसे ही कोई गाड़ी कैमरे में आती है, सिस्टम रीयल-टाइम में वाहन की रजिस्ट्रेशन डिटेल्स के जरिए PUC और इंश्योरेंस का रिकॉर्ड खंगालता है। अगर कोई दस्तावेज एक्सपायर्ड या मिसिंग मिलता है, तो अपने आप ई-चालान जनरेट हो जाता है और सीधे वाहन मालिक को भेज दिया जाता है।
आप आराम से दफ्तर जा रहे हैं; जैसे ही आप लाल बत्ती वाली सड़क से गुजरते हैं, आपके फोन पर एक नोटिस आता है, “आपका चालान जारी कर दिया गया है”। हालांकि न तो कोई पुलिसवाला दिखाई दिया और न ही किसी ने आपको रोका, लेकिन कानून ने अपना काम किया। हां, हरियाणा यातायात कानून तोड़ने वालों का अब घर बैठे चालान कटेगा।
चालान चेक और भुगतान की प्रक्रिया
- आधिकारिक परिवहन ई-चालान पोर्टल पर जाएं। होमपेज पर वाहन पंजीकरण संख्या (Vehicle Number) या चालान नंबर दर्ज करें। कैप्चा कोड भरकर ‘विवरण प्राप्त करें’ (Get Details) पर क्लिक करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आधार ओटीपी के जरिए वेरीफाई करके ऑनलाइन भुगतान पूरा करें।
नई डिजिटल चालान व्यवस्था और नियम
- नो पीयूसी, नो फ्यूल: 1 अक्टूबर से एनसीआर के जिलों में पेट्रोल पंपों पर हाई-टेक ANPR कैमरे लगेंगे; बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा।
- बैरियर-फ्री टोल सिस्टम: करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा जैसे स्थानों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक शुरू हो चुकी है, जिससे वाहन बिना रुके गुजरते हैं और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ या भुगतान न करने पर डिजिटल कार्रवाई होती है। [
- ऑटोमैटिक निगरानी: ओवर-स्पीड, रेड लाइट क्रॉस करने और बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के गाड़ी चलाने पर ट्रैफिक कैमरे वास्तविक समय (real-time) में उल्लंघन रिकॉर्ड करते हैं।
चार्ट करेगा आपको सोचने पर मजबूर :
- • सिर्फ पिछले एक महीने में
• सिर्फ़ PUC न होने के कारण 4,144 चुनौतियाँ
• बिना बीमा वाली गाड़ियों के लिए 2,682 चालान
इसका मतलब है कि “गलती पकड़ी नहीं जाती” के दिन चले गए हैं। अब अगर आप कोई गलती करते हैं, तो सिस्टम खुद ही जवाब देगा, “सर, चालान हो गया!”














