बावल (Best24News) हरियाणा में नायब् सैनी सरकाार कितनी किसानों के लिए सही है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता हैं बार बार आंदोलन के बावजूद अनाज मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की है। इसी परेशान नाराज किसानों ने बावल में आंबेडकर पार्क में धरना देकर प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारे बाजी भी। जबकि इसको लेकर किसान यूनियन चढुनी भी विरोध प्रदर्शन कर चुकी है लेकिन सरकार किसानो की इस समस्या की ओर ध्यान नहीं द रही हैं
धरना देकर सौंपा ज्ञापन: बावल में किसानों ने बाजरे की फसल को निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग उठाई। पहले आंबेडकर पार्क में धरना देकर प्रदर्शन किया तथा इसके बाद किसानों ने नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने कहा कि बाजरे की फसल तैयार होने के बाद उसे अधिक समय तक घर पर रखना संभव नहीं है। ऐसे में सरकारी खरीद नहीं होने का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के हित में 1 अक्तूबर से बाजरे की सरकारी खरीद समर्थन मूल्य पर शुरू की जाए। समर्थन मूल्य की तुलना में करीब 700 से 900 रुपये प्रति क्विंटल तक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान परेशान: किसानों ने बताया कि सरकार की ओर से बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है। किसानों के अनुसार मंडी में बाजरे के करीब 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे हैं। किसानों कम लागत में बाजरा बेचना पड रहा है जिससे करीब 800 रूपए प्रति क्विंटल तक नुकसान झेलना पड रहा है।













