रेवाड़ी। शहर में आध्यात्मिक चेतना को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में इस्कॉन केंद्र, रेवाड़ी द्वारा नए इस्कॉन मंदिर निर्माण परियोजना के अंतर्गत ‘शिला न्यास महोत्सव’ का भव्य आयोजन रविवार, 31 मई 2026 को शाम 6:00 बजे RB-2, सेक्टर-19, रेजांगला पार्क के पीछे, रेवाड़ी में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। इस्कॉन केंद्र, रेवाड़ी के प्रभारी रूप सनातन दास ने जानकारी देते हुए बताया कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रेवाड़ी के आध्यात्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि इस्कॉन का बनने वाला मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, संस्कारों और सेवा कार्यों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार शिला न्यास महोत्सव का आयोजन भव्य स्तर पर किया जा रहा है, उसी प्रकार रेवाड़ी में बनने वाला मंदिर भी अत्यंत भव्य और आकर्षक होगा।
उन्होंने बताया कि इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी भक्तों एवं सेवकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं दिव्य वातावरण में संपन्न हो सके।
इस कार्यक्रम को और अधिक दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए इस्कॉन के विभिन्न मंदिरों से अनेक संत एवं वरिष्ठ पदाधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। विशेष रूप से दिल्ली एवं पंजाब क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव परम पूजनीय भक्तिवेदांत रुक्मिणी कृष्ण गोस्वामी महाराज तथा इस्कॉन पंजाबी बाग के सह-अध्यक्ष श्री मुरली कृष्ण प्रभु इस कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं लक्ष्मण यादव (विधायक, रेवाड़ी), डॉ. कृष्ण कुमार (विधायक, बावल) एवं श्री अनिल यादव (विधायक, कोसली) विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके अतिरिक्त डॉ. वंदना पोपली (जिला अध्यक्ष, भाजपा, रेवाड़ी) एवं श्रीमती विनिता पिप्पल (चेयरपर्सन, नगर परिषद, रेवाड़ी) भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।
रूप सनातन दास ने रेवाड़ी एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमी नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों से इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने की अपील की है।






















