google-site-verification=tCHMjoNaCh-s0LhMfvxWhQaHY6KW8yvJTKLKR2PdqUU  Railway Station: इस रेलवे स्टेशन पर नही रुकती ट्रेन, कोरोना के बाद से ठप है आवाजाही | Best24News
रविवार, 1 नवम्बर 2026

 Railway Station: इस रेलवे स्टेशन पर नही रुकती ट्रेन, कोरोना के बाद से ठप है आवाजाही

Written by: सुनील चौहान

Published:

Railway Station : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित कोहदाड़ रेलवे स्टेशन कभी स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही और जीविका का प्रमुख जरिया हुआ करता था. लेकिन आज इस स्टेशन पर…


Railway Station : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित कोहदाड़ रेलवे स्टेशन कभी स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही और जीविका का प्रमुख जरिया हुआ करता था. लेकिन आज इस स्टेशन पर न ट्रेन की सीटी सुनाई देती है, न यात्रियों की हलचल. सालों से स्टेशन पर एक भी ट्रेन नहीं रुकी है. जिससे यह जगह अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है.

Advertisement

सैकड़ों ग्रामीणों की ज़िंदगी पर पड़ा असर
कोहदाड़ स्टेशन से पहले कटनी-भुसावल पैसेंजर ट्रेन रुकती थी. जिससे किसान अपनी फसलें मंडियों तक ले जाते थे. छात्र शहर जाकर पढ़ाई करते थे और युवक रोजगार की तलाश में निकलते थे. लेकिन ट्रेन का ठहराव बंद होने से सैकड़ों ग्रामीणों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है.

कोरोना के बाद से ठप है आवाजाही
कोरोना महामारी के बाद जैसे-जैसे जीवन पटरी पर लौटने लगा. वैसे ही कोहदाड़ स्टेशन से सब कुछ जैसे थम सा गया. महामारी के दौरान ट्रेन सेवाएं तो रुकीं ही. लेकिन अब तक इस स्टेशन पर एक भी ट्रेन का ठहराव दोबारा शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों के अनुसार यह स्थिति पिछले 5 वर्षों से बनी हुई है.

Advertisement

ये भी पढ़ें:हरियाणा के हर पंचायत में खुलेगी ई-लाइब्रेरी

एक ऐतिहासिक स्टेशन
टाकलीकला के निवासी रामनारायण दशोरे ने कोहदाड़ स्टेशन का जिक्र करते हुए बताया कि 1960-61 के जलसंकट के दौरान जब ट्रेनें कोयले से चलती थीं और पानी की भारी कमी थी. तब कोहदाड़ स्टेशन ही रेलवे को पानी उपलब्ध कराता था. ऐसे में यह स्टेशन इतिहास और सेवा का प्रतीक भी है.

रोजगार से जुड़ा था स्टेशन
लतीफ खान, जो स्टेशन के पास रहते हैं. बताते हैं कि यह स्टेशन केवल यात्रा का साधन नहीं था. बल्कि ग्रामीणों की सब्जी बिक्री और छोटे व्यापार का जरिया भी था. नेपानगर और खंडवा में लगने वाले हाट-बाजारों में किसान यहीं से ट्रेन पकड़कर जाते और शाम तक लौट आते थे. अब उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा है.

ये भी पढ़ें:कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किया कोसली मंडी का किया निरीक्षण

कटनी-भुसावल पैसेंजर को बना दिया गया एक्सप्रेस
जिस ट्रेन से कभी गांव के लोग सफर करते थे. उसे पैसेंजर से एक्सप्रेस में बदल दिया गया और कोहदाड़ जैसे छोटे स्टेशनों पर उसका ठहराव हटा दिया गया. नतीजा यह हुआ कि ग्रामीणों की ट्रेन पर निर्भरता टूट गई और स्टेशन धीरे-धीरे वीरान होता गया.

बड़े अधिकारियों से की गई है मांग
मध्यप्रदेश के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि कोहदाड़ स्टेशन के साथ-साथ बगमर और बुरहानपुर जिले के चांदनी स्टेशनों पर भी पैसेंजर ट्रेन के ठहराव को फिर से शुरू करने की मांग रखी गई है. उन्होंने बताया कि इस बाबत सेंट्रल रेलवे के जीएम मीणा को भी निर्देशित किया गया है और रेलवे के संबंधित अधिकारियों को सक्रिय किया गया है.

पटरियों पर सपने, पर रुक चुकी है रफ्तार
कोहदाड़ रेलवे स्टेशन की पटरी से अब न ट्रेन गुजरती है, न उम्मीदें. यह सिर्फ एक स्टेशन नहीं, एक पूरे गांव की जीवनरेखा था, जो अब चुपचाप खड़ा होकर अतीत की कहानियां सुनाता है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेलवे उनकी आवाज सुनेगा और एक बार फिर यह स्टेशन गुलजार होगा.

ये भी पढ़ें:इंतजार खत्म: AIIMS Rewari में शुरू होगी OPD , भालखी में 12 एकड़ में बनेगी अनाज मंडी: डॉ. कृष्ण कुमार

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

संबंधित खबरें

WhatsApp