Student suicide: दो सहेलियों ने लगाया फंदा

On: January 19, 2026 3:02 PM
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Student suicide: जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में रहने वाली दो नाबालिग छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों छात्राएं अपने-अपने घरों में फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं। खास बात यह है कि दोनों ही छात्राएं एक ही स्कूल में पढ़ती थीं और उम्र में भी लगभग समान बताई जा रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही बरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार 15 वर्षीय एक छात्रा गाड़रखेड़ा गांव में रहने वाले प्रिंस ठाकुर नामक युवक की लगातार छेड़छाड़ से परेशान थी। परिजनों का कहना है कि बीते करीब दो माह से युवक छात्रा को स्कूल जाते समय रास्ते में रोकता था और बाइक पर बैठने का दबाव बनाता था। इसके अलावा फोन कर बार-बार मिलने के लिए परेशान करता था। छात्रा ने इस बारे में अपने पिता को जानकारी दी थी, जिसके बाद पिता आरोपी युवक के गांव गाड़रखेड़ा पहुंचे और उसके पिता से शिकायत की। उस समय आरोपी के परिजनों ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में ऐसी कोई हरकत नहीं होगी, लेकिन कथित तौर पर परेशान करने का सिलसिला बंद नहीं हुआ।

वहीं दूसरी नाबालिग छात्रा के परिजनों का कहना है कि उसने पिता की डांट से नाराज होकर आत्मघाती कदम उठाया। परिजन इसे पारिवारिक कारणों से जुड़ा मामला बता रहे हैं। दोनों घटनाओं की समयावधि और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच में जुट गई है।

घटना के बाद पहली छात्रा के परिजन आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में बरेला थाना पहुंचकर घेराव किया। परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और आरोप लगाया कि समय रहते शिकायत पर प्रभावी कदम उठाए जाते तो यह घटना टल सकती थी। थाने में कुछ समय तक तनाव का माहौल भी बना रहा, जिसे पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर शांत कराया।

बरेला थाना पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है। एक मामले में छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की जांच की जा रही है, जबकि दूसरे मामले में पारिवारिक कारणों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने क्षेत्र में छात्राओं की सुरक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Harsh

हर्ष चौहान पिछले तीन साल से पत्रकारिता में कार्यरत हूं। इस साइट के माध्यम से अपराध, मनोरंजन, राजनीति व देश विदेश की खबरे मेरे द्वारा प्रकाशित की जाती है। मै बतौर औथर कार्यरत हूं

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