धारूहेड़ा: रेवाड़ी छात्रा विवाद….. गोकलपुर के हादस दो गुटों हुए झगडे को लेकर अब डबल मर्डर केस की परते खुलने लगी हैं। जांच के चलते पता चला है कि यशपाल और हिमेश दोनों आरोपियों के निशाने पर थे। इतना ही नहीं इन दोनो की हत्या करने की ही योजना थी लेकिन इस दोनो के साथ जतिन को भी मौत के घाट उतार दिया। बताया जरा है जतिन इन दोनो का कॉमन फ्रैंड था।
यशपाल की खंगाली कुडली: मारपीट के दौरान घायल हुए यशपाल भी शरीफ नहीं है। जांच के चलते पता चला है कि हमले में घायल यशपाल पर पहले ही चार केस दर्ज हैं। गनीमत यह है
शुक्रवार को यशपाल इसके वार से बच निकालर।
9 पर हत्या का मामला दर्ज: पुलिस ने बताया कि हिमेश व जतिन की हत्या के आरोप में 8 युवकों पर शुक्रवार रात केा मामला दर्ज कर लिया गया था। हालांकि 72 घंटे बाद भी किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस ने इनके रिकोर्ड में खंगाले में लगी हुई है। जांच पता चला है इस मामले में नामजद आरोपियों में से आधे से अधिक आरोपियों पर पहले से केस दर्ज है। आरोपियों की तलाश के साथ पुलिस इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की कुंडली भी खंगाल रही है।

जिनकी हुई मौत दोनो थे शरीफ: जांच में यह भी सामने आया है जतिन और हिमेश पर अभी तक पहले से कोई केस दर्ज नहीं था। हालांकि पुलिस और परिजन अभी भी विवाद पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। गुस्साए लोगो ने निगांनियावास में हिमेश की शव लेने से पहले बैठक करके पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए थे। हालांकि पुलिस ने आश्वासन देने के बाद निगांनियावास के लोगो ने शव लिया थाा।
पंचायत में ये बात आई सामन: पंचायत में बताया कि करीब एक महीने पहले करीब 30 लोग हिमेश के घर पहुंचे थे। आरोपियों ने परिवार की मौजूदगी में हिमेश को धमकी भी दी थी। परिवार की तरफ से तब इसकी शिकायत पुलिस को नहीं दी गई थी। शनिवार सुबह को नागानिवास गांव हुई पंचायत में यह बात खुलकर सामने आई। हालांकि पुलिस ने उस लोगो की कुडंली खंगाल रही है तो हिमेश के घर धमकी देने आए थे।

योजना बनाकर किया था हमला: घटना स्थल पर मिली बाइक और गाड़ियों की नंबर प्लेट पर टेप लगी हुई थी, उससे लग रहा था कि सबकुछ योजना के अनुसार ही किया गया था। इतना ही नही गोकलपुर में में घटना स्थल पर मिली और बुढ़ाना बस अड्डे के पास बुढ़ानी रोड सड़क किनारे मिले बाइक की नंबर प्लेट टेप के साथ कवर की गई थी। इतना ही जिस कार से टक्कर मारी गई उनकी नंबर प्लेट भी ढकी हुई थी।











