हरियाणा में मानसून एक बार फिर पूरी सक्रियता के साथ बना हुआ है। बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। सुबह से ही सोनीपत में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि गुरुग्राम समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली है।
इन जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और पानीपत में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 9.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अंबाला सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां करीब 95 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। हालांकि 1 जून से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इससे कृषि क्षेत्र में आगे आने वाले दिनों की बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पथराला नदी का तटबंध टूटा, खेतों में घुसा पानी
यमुनानगर जिले के रायपुर क्षेत्र के पास पथराला नदी का तटबंध टूटने से आसपास के कई गांवों के खेत पानी में डूब गए। तेज बहाव के कारण बड़ी संख्या में कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
यमुना का जलस्तर बढ़ा, बैराज से छोड़ा गया पानी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर अब हरियाणा में भी दिखाई देने लगा है। हथिनीकुंड बैराज पर जलप्रवाह बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।














