NDA Female Fighter Pilot: हरियाणा की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत और जुनून के दम पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। चरखी दादरी जिले की इशिता सांगवान और मीनाक्षी ने भारतीय रक्षा क्षेत्र में नई मिसाल कायम करते हुए देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव हासिल किया है। दोनों युवतियों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।
साढ़े तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के बाद मिली बड़ी सफलता
इशिता और मीनाक्षी ने करीब साढ़े तीन वर्षों तक कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान दोनों ने विभिन्न चरणों की चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उन्हें हैदराबाद में कमीशन प्राप्त हुआ, जिसके साथ ही वे आधिकारिक रूप से भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन गईं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदली जिंदगी की दिशा
इशिता सांगवान का सपना पहले सिविल सेवा में जाने का था, लेकिन वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लड़कियों को NDA में प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने अपना लक्ष्य बदल लिया। उन्होंने NDA परीक्षा पास की और 2022 में अकादमी जॉइन कर सैन्य प्रशिक्षण की शुरुआत की। आज उनकी मेहनत देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
मीनाक्षी ने भी बढ़ाया परिवार और गांव का मान
मीनाक्षी की उपलब्धि पर उनके गांव में खुशी का माहौल है। उनके परिवार का सेना से पुराना जुड़ाव रहा है और अब उनकी बेटी भी वायुसेना में शामिल होकर देश सेवा करेगी। ग्रामीणों और पंचायत ने उनकी इस सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।
पहली पोस्टिंग के साथ संभालेंगी नई जिम्मेदारी
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद दोनों युवा अधिकारियों की पहली पोस्टिंग तेलंगाना के बीदर स्थित एयरफोर्स स्टेशन में की गई है। यहां से वे लड़ाकू विमानों के संचालन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाएंगी।
देश की बेटियों को दिया प्रेरणादायक संदेश
इशिता और मीनाक्षी ने अपनी सफलता के बाद अन्य युवतियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने का संदेश दिया। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
परिवार को अपनी बेटियों पर गर्व
दोनों परिवारों का कहना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। सही अवसर और समर्थन मिलने पर वे हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकती हैं। इशिता और मीनाक्षी की उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे हरियाणा और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनने वाली इन दोनों बेटियों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करेगी कि भारतीय बेटियां अब हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।













