Narendra Yadav: माउंट पिको दे ओरिज़ाबा पर हरियाणा के नरेंद्र यादव फहराएगें तिरंगा

On: May 27, 2026 11:04 AM
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Rewari mountaineer Narendra

Narendra Yadav: हरियाणा के रेवाड़ी जिले के नेहरूगढ़ गांव के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही और सेवन समिट्स विजेता नरेंद्र सिंह यादव अब उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटी माउंट पिको दे ओरिज़ाबा पर तिरंगा फहराने की तैयारी में हैं। इससे पहले भी कई जगह तिरंगा फहराकर रिकोर्ड बना चुके है।

26 मई को अपने गांव से हुई रवाना: बता दे कि रेवाड़ी जिले के रहने वालेनरेंद्र यादव मेक्सिको में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व करेंगे। वह मंगलवार 26 मई को रवाना हुए थे। सात दिन तक चलने वाले इस अभियान में कई देशों के अनुभवी पर्वतारोही भी शामिल होंगे।Narendra Yadav

रेवाड़ी के गांव नेहरूगढ़ से ताल्लुक रखने वाले नरेंद्र यादव का परिवार पहले से ही पर्वतारोहण के क्षेत्र में पहचान रखता है। उनकी मौसेरी बहन पद्मश्री संतोष यादव दो बार माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला हैं। नरेंद्र की उपलब्धियां इसलिए भी खास मानी जाती हैं क्योंकि पांच साल पहले पर्वतारोहण के दौरान वह फ्रॉस्टबाइट का शिकार हो गए थे।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि डॉक्टरों ने उनके पैर काटने तक की सलाह दे दी थी। करीब दो साल तक इलाज चला, जिसके बाद उनके पैरों की अंगुलियां सीधी रह गईं और मुड़ नहीं पातीं। इसके बावजूद नरेंद्र ने हार नहीं मानी और सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह कर अपनी अलग पहचान बनाई।Narendra Yadav

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30 वर्षीय नरेंद्र यादव के पिता कृष्ण कुमार भारतीय सेना की 17 राजपूत रेजिमेंट से सूबेदार पद से रिटायर हैं। उनकी माता रोशनी देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई सतपाल हरियाणा पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं और फिलहाल गुरुग्राम में तैनात हैं। उनकी पत्नी ज्योति यादव कंप्यूटर इंजीनियर हैं और दोनों की शादी एक साल पहले हुई थी।

जानिए कहां से मिली प्रेरणा: नेहररूगढ गामड के रहने वाले नरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पर्वतारोहण की प्रेरणा अपनी मौसेरी बहन पद्मश्री संतोष यादव से ली। संतोष यादव ने साल 1992 में पहली बार माउंट एवरेस्ट फतह किया था और 1993 में दोबारा एवरेस्ट पर चढ़ाई कर इतिहास रच दिया था। वह दुनिया की पहली महिला बनी थीं जिन्होंने 8848 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट को दो बार सफलतापूर्वक फतह किया। उसी से प्रेरणा लेकर उसने ये फैसला लिया था।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

राज्य के इन कर्मचारियों की लगी लॉटरी, सैलरी में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी

Haryana News: राज्य के इन कर्मचारियों की लगी लॉटरी, सैलरी में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी

Haryana News: हरियाणा के श्रम विभाग के द्वारा ग्रामीण जल कर्मियों के सैलरी में बढ़ोतरी की गई थी जिसे जल्द ही लागू करने का निर्देश जारी किया गया है। श्रम आयुक्त हरियाणा के ओर से विकास एवं पंचायत विभाग को एक पत्र भेजा गया है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब ट्यूबवेल ऑपरेटर को भी स्किल्ड श्रेणी में रखा जाएगा और उन्हें बढ़ी हुई सैलरी दी जाएगी।

सैलरी में कितनी हुई बढ़ोतरी

सामने जानकारी के अनुसार पहले ग्रामीण क्षेत्र के जल कर्मियों को 13346 रुपए हर महीने सैलरी मिलती थी लेकिन अब सैलरी में बढ़ोतरी हो गई है जिसके बाद अब ₹19000 हर महीने सैलरी मिलेगी।

ट्यूबवेल ऑपरेटरों की लगी लॉटरी

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श्रम विभाग के द्वारा सभी पंचायत में एक लेटर जारी किया गया है और इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले जलकर्मियों को बढ़ा हुआ सैलरी दिया जाएगा।

ट्यूबेल ऑपरेटर और जल कर्मियों को परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। सरकार के द्वारा उनके सभी मांगों का ध्यान रखा गया है। नोटिस जारी करके जल्द ही बड़ी हुई सैलरी देने की बात कही गई है।

Rewari News: Dharuhera Station House Officer Sent to District Lines?

Rewari News: धारूहेड़ा थाना प्रभारी लाईन हाजिर ?

Rewari News: रेवाड़ी में इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर में छात्रा- पुलिस विवाद में अब नया मोड आ गया था। एसपी ने थाना प्रभारी कश्मीर सिंह को लाईन हाजिर ​कर दिया है तथा कबूल सिंह को थाना प्रभारी बना दिया गया है।

बता दे कि 19 मई को यूनिवर्सिटी के दो छात्रों ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। अब दोनों पक्ष एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। रात करीब सवा 11 बजे आईजीयू चौथे सेमेस्टर के छात्र नितिन कुमार ने ई-मेल से एसपी रेवाड़ी और एसएचओ धारूहेड़ा को शिकायत भेजी। जिसमें सौरभ काकोड़िया की अगुवाई में इंजीनियरिंग के छात्रों पर रास्ता रोककर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए।

हत्या का प्रयास: शिकायत में कहा गया कि सौरभ पर जबरदस्ती पकड़कर कमरे में ले जाने का प्रयास किया। सेमिनार हाल के गेट नंबर 3 के पास रास्ता रोककर थप्पड़ मारा और बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी दी। इनता ही नहीं घर जाते समय यूनिवर्सिटी से बाहर रास्ता रोककर 8-10 साथियों ने हमला भी किया था। आरोपियों पर रैगिंग करने के भी आरोप लगाए। शिकायत में कहा था कि उनके दबाव के चलते वह अपनी पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा हूं। मजबूरी में अपनी पढ़ाई छोड़कर घर जाना पड़ेगा।

 

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पुलिस पहुंचे ही बढा विवाद: बता दे कि बुधवार दोपहर जब पुलिस एसएचओ की अगुवाई में यूनिवर्सिटी पहुंची तो छात्रों का छात्र- पुलिस विवाद में बदल गया। छात्र युद्धिष्ठर और विनीत ने पुलिस पर बिना अनुमति यूनिवर्सिटी कैंपस में आने और छात्रों के साथ धक्का-मुक्की कर प्रताड़ित और अपमानित करने के आरोप लगाए हैं। जिसके विरोध में छात्रों ने पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। दो छात्रों ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या के प्रयास से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

थाना प्रभारी लाइन हाजिर: इसी मामले को लेकर थाना प्रभारी कश्मीर केा लाईन हाजिर कर दिया गया है तथा धारूहेड़ा में कबूल सिंह बतौर थानाधिकारी नियुक्त किया गया है।

 

शोक सभा में जा रहे दो भाइयों को कार ने मारी टक्कर, मौके पर दर्दनाक मौत

Haryana News: शोक सभा में जा रहे दो भाइयों को कार ने मारी टक्कर, मौके पर दर्दनाक मौत

Haryana News:  हरियाणा के हिसार में एक सड़क हादसा हो गया है जिसमें दो भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई है। आज बुधवार को दोनों भाई बाइक पर सवार होकर किसी परिचित के घर शोक जताने जा रहे थे तभी तेज रफ्तार से आ रही कार ने बाइक को टक्कर मार दी।

यह टक्कर इतना भयंकर था कि मौके पर ही दोनों सगे भाइयों की मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद कार सवार ऑटो में बैठकर वहां से फरार हो गए।

रावलवास कलां जा रहे थे दोनों भाई

मिली जानकारी के अनुसार नलवा गांव निवासी 68 वर्षीय राजपाल और उनके छोटे भाई 56 वर्षीय जिलेसिंह बुधवार सुबह घर से बाइक पर निकले थे।
दोनों को रावलवास कलां गांव में एक परिवार के यहां शोक व्यक्त करने जाना था।

जब वे चौधरीवास के पास पनिहार चौक के करीब पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

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टक्कर के बाद सड़क पर बिखर गई बाइक

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा बेहद भीषण था।
कार की रफ्तार काफी तेज बताई जा रही है। जैसे ही बाइक को टक्कर लगी दोनों भाई दूर उछाल कर गिर गए और तड़पने लगे। आसपास के लोग उनके मदद के लिए पहुंचे तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

कार छोड़कर मौके से भागे लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि कार एक युवती चला रही थी और उसमें उसके परिवार के अन्य सदस्य भी बैठे थे।हादसे के बाद कार सवार लोग घबरा गए और कुछ देर बाद वाहन को वहीं छोड़कर ऑटोरिक्शा में बैठकर हिसार की तरफ चले गए।

गांव में पसरा मातम

दोनों भाइयों की मौत की खबर मिलते ही नलवा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार वालों ने बताया कि दोनों भाई किसानी करते थे और खेती-बाड़ी का काम वही संभालते थे।

परिवार के बयान देने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है।

20 साल से सेवा दे रहे 1270 गेस्ट टीचरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, होंगे परमानेंट

Haryana Guest Teacher News: 20 साल से सेवा दे रहे 1270 गेस्ट टीचरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, होंगे परमानेंट

Haryana Guest Teacher News: हरियाणा के गेस्ट टीचरों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। हाई कोर्ट के द्वारा गेस्ट टीचरों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया गया है जिसे सुनते गेस्ट टीचरों के चेहरे पर मुस्कान दौड़ गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में गेस्ट टीचरों को बड़ी राहत दिया है ।

जस्टिस संदीप मोदगिल की पीठ ने फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 2014 के नियमितीकरण नीति के अंतर्गत याचिकाकर्ताओ की सेवाओं को नियमित किया जाए, और इन गेस्ट टीचरों को परमानेंट करने के बाद इन्हें सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिया जाए।

हाई कोर्ट ने पक्ष में सुनाया फैसला

याचिकाकर्ताओ ने हाई कोर्ट में कहा कि साल 2005 6 में सरकारी स्कूलों में खाली पदों पर उन्हें गेस्ट फैकल्टी शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति विज्ञापन जारी करने चयन समितियां के गठन आवेदन की जांच और मेरिट सूची के आधार पर किया गया था।

वहीं राज्य सरकार का कहना था कि इन सभी शिक्षकों को अस्थाई तौर पर नियुक्त किया गया था,इन्हें रेगुलर टीचर नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत नियुक्त नहीं किया गया है इसलिए यह नियमितीकरण के पात्र नहीं है। हालांकि हाई कोर्ट के द्वारा राज्य सरकार के दलील को खारिज कर दिया गया है।

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हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन सभी शिक्षकों की नियुक्ति गुप्त तरीके से नहीं हुई थी बल्कि सार्वजनिक प्रक्रिया के तहत योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया था इसलिए इन सभी उम्मीदवारों को परमानेंट किया जाए।

परमानेंट होंगे गेस्ट टीचर

हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि 20 साल तक संविदा पर कार्य कराने के बाद अब आप इन्हें अस्थाई कर्मचारी नहीं कह सकते हैं। हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी 1270 गेस्ट टीचर को परमानेंट किया जाए और सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिया जाए। हाई कोर्ट के फैसले के बाद गेस्ट टीचरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी! ट्रांसफर को लेकर आया बड़ा अपडेट

Haryana News: शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी! ट्रांसफर को लेकर आया बड़ा अपडेट

Haryana News: हरियाणा में लंबे समय से शिक्षक तबादले को लेकर परेशान है। इसी बीच शिक्षक तबादला करवाओ संघर्ष समिति के द्वारा सरकार से जल्द नई ट्रांसफर पॉलिसी जारी करने की मांग की गई है। समिति के राज्य प्रधान कृष्ण कुमार  और राज्य प्रेस प्रवक्ता ऋषि राज नरवाल ने कहा कि जून के महीने में स्कूलों में छुट्टियां रहने वाली है ऐसे में ट्रांसफर करना बेहद अच्छा रहेगा क्योंकि इस समय ट्रांसफर की प्रक्रिया होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी डिस्टर्ब नहीं होगी।

इस दौरान समिति ने कहा कि अगर सही समय पर शिक्षकों का तबादला नहीं होता है तो फिर से हजारों शिक्षक तबादलों से वंचित रह सकते हैं।

समिति ने जून के महीने में ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने की मांग की

सही समय पर यह  प्रक्रिया लागू हो जाती है तो दूर दराज के शिक्षकों को अपने डिस्ट्रिक्ट में पोस्टिंग मिल जाएगी वहीं महिला दिव्यांग और गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिक्षकों को भी राहत मिलेगी। समिति के द्वारा मांग किया गया है कि जून के महीने में सरकार हर हाल में नहीं ट्रांसफर पॉलिसी लागू करें क्योंकि लंबे समय से शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी नहीं आने से परेशान है।

ट्रांसफर नहीं होने से नाराज है शिक्षक (Haryana News)

शिक्षक लंबे समय से ट्रांसफर पॉलिसी को लागू करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार के द्वारा इस पर कोई भी अपडेट नहीं दिया जा रहा है। सरकार के द्वारा ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं करने से शिक्षकों में आप गुस्सा भी दिख रहा है।

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शिक्षकों को कहना है कि लंबे समय से हम ट्रांसफर पॉलिसी के इंतजार में है लेकिन सरकार के द्वारा अभी तक इस पर कोई भी अपडेट नहीं दिया गया है जिससे हमारी परेशानियां बढ़ती जा रही है। हालांकि समिति ने कहा है कि सरकार जल्द ही ट्रांसफर पॉलिसी पर फैसला ले सकती है।

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