
Haryana news: हरियाणा सरकार ने सोनीपत, रेवाड़ी और धारूहेड़ा सहित प्रदेश के सात शहरी निकायों में चुनाव कराने की अनुमति दे दी है। सरकार की ओर से राज्य चुनाव आयोग को औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद निकाय चुनाव की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग जल्द ही इन शहरी निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में मतदान कराए जाने की संभावना है।
सरकारी स्वीकृति के तहत सोनीपत नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका के साथ-साथ पंचकूला, अंबाला और अन्य शहरी निकायों में भी चुनाव कराए जाएंगे। इन निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जिसके चलते लंबे समय से चुनाव की प्रतीक्षा की जा रही थी। राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही सरकार को पत्र लिखकर चुनाव कराने की अनुमति मांगी थी, जिस पर अब मंजूरी मिल गई है।
चुनाव आयोग की तैयारी लगभग पूरी मानी जा रही है। हालांकि कुछ बड़े शहरों में वार्डों के पुनर्गठन और आरक्षण से जुड़ा कार्य अभी अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार 22 जनवरी को मेयर और चेयरमैन पदों के आरक्षण को लेकर अधिसूचना जारी की जा सकती है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद राजनीतिक दलों की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
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राजनीतिक स्तर पर भाजपा और कांग्रेस पहले ही नगर निकाय चुनाव को लेकर अपनी रणनीति पर काम शुरू कर चुकी हैं। दोनों दलों ने संकेत दिए हैं कि वे प्रमुख नगर निगमों और परिषदों में मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेंगे। वहीं इनेलो, जजपा और आम आदमी पार्टी ने भी निकाय चुनाव को लेकर मंथन शुरू कर दिया है, हालांकि अभी उम्मीदवारों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर जिन निकायों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां प्रशासकों की नियुक्ति की जा चुकी है। रेवाड़ी नगर परिषद के अलावा सांपला, उकलाना और धारूहेड़ा नगर पालिकाओं में भी आम चुनाव इसी चरण में कराए जाने की तैयारी है। सोनीपत, पंचकूला और अंबाला नगर निगमों में मेयर का एक पद महिला आरक्षित वर्ग के लिए सुरक्षित रहने की संभावना है।
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मंजूरी मिलने के बाद शहरी निकाय चुनावों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी और चुनावी गतिविधियां पूरी तरह रफ्तार पकड़ लेंगी।
