Haryana News: पढ़ाई लिखाई करके अपने परिवार वालों को बेहतर जीवन देने के लिए हरियाणा के कुम्हारिया गांव के विजय पूनिया रुस गए हुए थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि वहां मौत उनका इंतजार कर रही है। अभी कुछ समय पहले कुम्हारिया गांव के ही अंकित जांगरा की मौत हुई थी और अब विजय पूनिया की भी रूस यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई है। विजय का परिवार दिल्ली पार्थिव शरीर लेने पहुंचा है और पूरे गांव में शोक देखने को मिल रहा है।
घर वालों ने बताया कि विजय पूनिया 2025 जुलाई में बिजनेस वीजा पर रूस गया था और वहां किसी ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। विजय ने सोचा कि वहां नौकरी के साथ पढ़ाई करके बेहतर भविष्य बनाएगा लेकिन वहां जाने के बाद उसे जबरदस्ती रुसी सेना में भर्ती कर दिया गया। 2 महीना पहले परिवार के करीबी सदस्यों का डीएनए मांगने के लिए घर पर फोन आया इसके बाद परिवार वालों को लगा की विजय के साथ कोई अनहोनी हो गई है।
विजय से पहले गांव के ही अंकित जांगड़ा (23) भी इसी तरह ठगी का शिकार हुआ था। अंकित फरवरी 2025 में स्टडी वीजा पर रूस पहुंचा था। 13 सितंबर 2025 को दोनों युवकों ने आखिरी बार परिवार से बात की थी। उस समय उन्होंने बताया था कि उन्हें जबरन युद्ध में भेजा जा रहा है।
दोनों का आखिरी वॉइस मैसेज था—“हमें बचा लो, सुबह युद्ध में लेकर जा रहे हैं।” इसके बाद दोनों से संपर्क टूट गया। 4 अप्रैल को अंकित का शव गांव पहुंचा था, और अब विजय की मौत की खबर ने परिवारों को फिर से गहरे सदमे में डाल दिया है।
विजय के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां माया और छोटा भाई सुनील हैं। परिवार ने कर्ज लेकर उसे विदेश भेजा था, लेकिन अब घर लौट रही है सिर्फ उसकी पार्थिव देह।





















