शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

Haryana News: रूढ़ियों को तोड़ बेटी ने लिया बड़ा फैसला, निभाएगी मुखाग्नि से लेकर तेरहवीं तक की सभी रस्में

Written by: सुनील चौहान

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Haryana News: हरियाणा के नारनौल से एक आंखें नम करने वाली खबर सामने आ रही है। एक बार फिर से एक बेटी ने समाज में नई मिसाल पेश की है। नारनौल की…


रूढ़ियों को तोड़ बेटी ने लिया बड़ा फैसला, निभाएगी मुखाग्नि से लेकर तेरहवीं तक की सभी रस्में
रूढ़ियों को तोड़ बेटी ने लिया बड़ा फैसला, निभाएगी मुखाग्नि से लेकर तेरहवीं तक की सभी रस्में
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Haryana News: हरियाणा के नारनौल से एक आंखें नम करने वाली खबर सामने आ रही है। एक बार फिर से एक बेटी ने समाज में नई मिसाल पेश की है। नारनौल की एक बेटी ने 3 साल तक बिटिया ने अपनी मां की सेवा की  और जब माँ का निधन हो गया तो इस बेटी ने अपनी मां का अंतिम संस्कार किया और 13वीं तक की जिम्मेदारी भी उठाई।

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तीन साल तक मां की सेवा में रही समर्पित

नारनौल की रहने वाली मंजू अग्रवाल 3 साल से ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही थी और इस दौरान उनकी बेटी साक्षी अग्रवाल उनका निष्ठा के साथ सेवा की। साक्षी की एक और बहन है। मंजू अग्रवाल का कोई बेटा नहीं है इसलिए साक्षी ने बेटे की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठे और अपनी माँ को मुखाग्नि दिया साथ ही साथ 13वीं तक की जिम्मेदारी भी उठाई।

 

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अंतिम समय में लिया बड़ा फैसला

रविवार सुबह मां के निधन के बाद परिवार शोक में डूब गया। इसी दौरान बेटी ने आगे बढ़कर कहा कि वह अपनी मां की अंतिम विदाई की सभी जिम्मेदारियां स्वयं निभाएगी। परिवार के सदस्यों ने भी उसके इस निर्णय का सम्मान किया और पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। उनके पिता बजरंग अग्रवाल ने बताया की बेटी ने बेटे की कमी पूरी कर दी।

समाज को दिया मजबूत संदेश

मुखाग्नि देने से लेकर अंतिम संस्कार की अन्य धार्मिक परंपराओं तक, बेटी ने हर जिम्मेदारी को पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ निभाया। साक्षी अग्रवाल ने साबित किया की बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से काम नहीं है और बेटियां भी माता-पिता की जिम्मेदारी बेटों की तरह उठा सकती हैं।

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तेरहवीं तक निभाएगी सभी रस्में

परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बेटी अपनी मां से बेहद भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई थी। यही वजह है कि उसने तेरहवीं तक होने वाली सभी धार्मिक रस्मों और परंपराओं को स्वयं पूरा करने का संकल्प लिया है। उसका यह फैसला न केवल मां के प्रति प्रेम और सम्मान को दर्शाता है, बल्कि समाज में बेटियों की बदलती और मजबूत भूमिका का भी प्रतीक बन गया है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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