Haryana Agriculture News: हरियाणा के किसानों को अब वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का लाभ मिलने वाला है। राज्य में खेती का ढांचा पूरी तरह से बदलने वाला है। हरियाणा सरकार के द्वारा मिट्टी जांच का जिम्मा उठाने के बाद अब ट्यूबवेल से आने वाले पानी की जांच भी की जाएगी।
‘जल स्वास्थ्य कार्ड‘ नाम की इस महत्वाकांक्षी योजना योजना का उपयोग करके सरकार के द्वारा अगले 3 साल में खदान उत्पादन को दो परसेंट तक बढ़ सके ताकि किसानों को मुनाफा हो सके और राज्य के लिए भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो।
हरियाणा के किस करेंगे वैज्ञानिक तरीके से खेती (Haryana Agriculture News)
हरियाणा में अब किस केवल अंदाजा लगाकर नहीं बल्कि वैज्ञानिक रिपोर्ट कार्ड देखकर खेती करेंगे। इससे किसान समझ पाएंगे कि कौन सी खेती करने से उनको अच्छा मुनाफा होगा। यह योजना बेहद हाईटेक होगी और अब ट्यूबवेल को जीपीएस उत्तर से जोड़ा जाएगा ताकि ट्यूबेल की जांच आसानी से हो सके।
वैज्ञानिकों के द्वारा ट्यूबवेल से आने वाले पानी की पीएच वैल्यू, क्षारीयता, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सल्फेट जैसे तत्वों की मात्रा जांची जाएगी। जांच होने के बाद रिपोर्ट सीधा किसानों के मोबाइल पर भेजा जाएगा जिससे किसान पता कर पाएंगे कि उनके टेबल से आने वाले पानी ठीक है कि नहीं इसके साथ ही किसानों को मोबाइल पर यह भी बताया जाएगा की किस महीने में कौन सी फसल लगाने से ज्यादा मुनाफा होगा।
हरियाणा में 60% से अधिक खेती देव बेल के माध्यम से ही होती है ऐसे में पानी में छारीयता और लवण बढ़ने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा था। लेकिन अब सरकार के द्वारा इस नई पहल को लाने के बाद किसानों को होने वाला नुकसान रुक जाएगा और मुनाफा भी काफी बढ़ जाएगा।
आपको बता दे की सरकार के इस पहल से केवल किसानों को लाभ नहीं होगा बल्कि राज्य के मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरेंगे और पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी सरकार बेहतरीन प्रयास करेंगे।

















