धारूहेड़ा: औद्योगिक कस्बे में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया है। शहर की मुख्य बाजार से लेकर कॉलोनियों और गलियों तक पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नाला सफाई की खुली पोल: बता दें कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाइ करवाई जाती है। लेकिन आजकल नालों की सफाइ केवल कागजों में हो रही है। हर बार बारिश में यही हालात देखने को मिलते हैं, लेकिन निकासी व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते। गलियों में भरे पानी से गंदगी और मच्छरों की समस्या भी बढ़ गई है। लोंगो का कहना है नंदरामपुर बास रोड, सोहना रोड पर गलियों व सडकों पर जलभराव हो गया है। लोगों का कहना है कि समय रहते ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में और भी गंभीर हालात बन सकते हैं।
साहबी बैराज का पानी ओवरफ्लो, खेतों में भरा पानी
धारूहेड़ा: लगातार हो रही बारिश से साहबी बैराज का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। मंगलवार को बैराज का पानी ओवरफ्लो होकर खलियावास, तितरपुर व आस पास गावों के खेतों में पानी पहुंच गया। जहां पहले ही जगह जगह जलभराव हो रहा है वही मंगलवार को हुई बारिश ने ओर भी समस्या बढा दी है।

खलियवास के सरपंच राजकुमार, प्रोफेसर मोतीलाल, ब्लॉक समिति के मेंबर धीरज यादव, अनिल कुमार आदि ने बताया कि बैराज से छोड़ा गया पानी गांवों की ओर बह रहा है, जिससे न केवल फसलों को नुकसान हो रहा है बल्कि कुछ जगहों पर रास्ते भी बाधित हो गए हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा है। पशुओं के लिए चारे की भी दिक्कत खड़ी हो सकती है।
क्योंकि बैराज में छोड़ा गया पानी पहले ही दूषित है। बार-बार पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में पहुंच रहा है लेकिन प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ कोर्ट में केस दायर करने की बात कही हैं।












