धारूहेड़ा: श्री जगन्नाथ स्वामी चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के शुभारंभ पर जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा निकली गई। शोभा यात्रा को चेयरमैन अजय जांगड़ा ने रवाना किया।
कथा व्यास आचार्य पंडित बाबूलाल पाराशर के सान्निध्य में आयोजित शिव महापुराण कथा के लिए सुबह 7:15 बजे महायज्ञ हुआ। इसके बाद सुबह भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा सब्जी मंडी कटला रोड शिव मंदिर से शुरू हुई तथा मनीराम बाग पहुंची ।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा (Rath Yatra) हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और भव्य रथ उत्सवों में से एक है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र (बलराम) और बहन सुभद्रा के विशाल, लकड़ी के रथों (जैसे- नंदीघोष) को हजारों श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ खींचते हैं।
बता दे कि पुराणों (जैसे पद्म पुराण) के अनुसार, एक बार माता सुभद्रा ने नगर घूमने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद तीनों भाई-बहन रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण और अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) गए थे। भगवान जगन्नाथ के रथ को नंदीघोष कहा जाता है, जो लगभग 45 फीट ऊंचा और 16 पहियों वाला होता है।

बाजार में निकाली झांकी
शोभायात्रा में आकर्षक झांकिया निकाली गई। जगह-जगह बाजार में शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। कथा का समापन 16 जुलाई को होगा। इस दिन पूर्ण आहुति के साथ हवन व भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा












