दक्षिण हरियाणा को बड़ी सौगात, दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी–बावल RRTS प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

On: March 21, 2026 7:31 PM
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RRTS : दक्षिण हरियाणा के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी–बावल सेमी हाईस्पीड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर केंद्रीय आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है। लंबे समय से प्रस्तावित इस कॉरिडोर को हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र में तेज रफ्तार और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी का रास्ता साफ हो गया है।

36 हजार करोड़ रुपये की लागत : करीब 164 किलोमीटर लंबे इस RRTS कॉरिडोर पर लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना दिल्ली, गुरुग्राम, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल जैसे प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को सीधे जोड़ेगी। पहले चरण में नमो भारत ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के बावल तक संचालित की जाएगी। इस रूट के शुरू होने से रोजाना दिल्ली और एनसीआर में सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वर्तमान में इस मार्ग पर घंटों तक ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है।RRTS

केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की मेहनत: इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने में गुरुग्राम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह की भूमिका अहम मानी जा रही है। उन्होंने लगातार इस परियोजना की पैरवी करते हुए दिल्ली–गुरुग्राम और रेवाड़ी–बावल रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और समय के नुकसान का मुद्दा केंद्र सरकार के सामने रखा था। उनका तर्क था कि RRTS शुरू होने से न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि सड़क हादसों और ईंधन की खपत में भी कमी होगी। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।RRTS

जानिए कहां कहां होगे स्टेशन: बता दें कि RRTS परियोजना के तहत प्रस्तावित स्टेशनों में सराय काले खां, जोर बाग, मुनिरका, एरोसिटी, उद्योग विहार, गुरुग्राम सेक्टर-17, राजीव चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पंचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेड़ा, MBIR, रेवाड़ी, बावल और SNB शामिल हैं। इन स्टेशनों के जरिए दिल्ली और दक्षिण हरियाणा के बीच तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय ट्रांजिट सिस्टम विकसित किया जाएगा।

बढेगा निवेश: बता दे इस परियोजना के लागू होने से धारूहेड़ा और बावल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कुल मिलाकर यह मेगा प्रोजेक्ट दक्षिण हरियाणा के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।

 

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Best24News के संस्थापक (Founder) हैं और पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के साथ काम करते हुए सामाजिक, प्रशासनिक और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से कवर किया है। Best24News के माध्यम से ताजा और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं।

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