धारूहेड़ा : प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ में बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड उमड़ी। पहले दिन कथा में संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।

कथा व्यास सुप्रसिद्ध कथा वाचक भारत भूषण ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। संसार के भौतिक सुख क्षणिक हैं, जबकि वास्तविक और स्थायी सुख केवल भगवान के चरणों में ही संभव है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं और मन को असीम शांति प्राप्त होती है।

आयोजक डॉ. अश्विनी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा रोजाना दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे होगी। कथा के समापन 8 सितंबर को हवन व भंडारे का आयोजन होगा।
धारूहेड़ा: कथा में उमड़ी भीड












